इस वर्ष वर्षा ऋतु के चलते पूरे राजस्थान में बरसात नदी नाले अपने वेग पर थे लेकिन वागन बांध में स्थित गड्ढे भी नहीं भर पाए । जिससे किसान चिंतित दिखा । लेकिन पिछले एक सप्ताह से चली बरसात ने बांध क्षेत्र के गड्ढे भरते हुए 90 सेंटीमीटर पानी पहुंचा दिया। वही बरसात जारी है। देखना अब यह है की बांध भर पाता है या नहीं

(डूंगला से पवन कुमार अग्रवाल की रिपोर्ट)

डूंगला (तलाऊ बाध) डेम क्षेत्र का एकमात्र बांध है । जिससे किसान सरसब्ज हुए हैं कहने को तो वागन बांध की हाइट  5:30 मीटर की है।  भराव क्षमता 1436 एमसीएफटी की है । इसी क्षमता के चलते सैकड़ो बीघा में ग्रामीण खेती कर अपनी  उपज से आय को प्राप्त करता है । बांध का निर्माण 1978 में हुआ था जिसका शिलालेख बांध पर स्थित है लेकिन 1982 भी पत्रावलियों में लिखा गया है । सिंचाई विभाग के अभियंताओं की माने तो वागन बांध की नहर डूंगला उपखंड से निकलकर भदेसर उपखंड तक भूमि को सिंचित करती है। वहीं दूसरी और बड़ी सादड़ी उपखंड के निकुंभ तक पहुंचती है। तो आलोद माइनर बांध के निचले हिस्से को सिंचित करती है। बांध के बारे में जानकारी चाहने पर कनिष्ठ अभियंता  दीप प्रकाश दहिया ने बताया कि  3060 मीटर लंबा मिट्टी का बांध जिसमें 17 ओवरफ्लो वर्टिकल गेट सेक्सन सम्मिलित है। बांध के गेट की बात करें तो 5:30 मीटर हाइट 1436 एमसीएफटी भराव क्षमता वाले बांध के 10 गेट बने  है । इस बांध में पानी की आवक लगभग 307 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्र से बनी रहती है। पानी का भराव क्षेत्र 54.100 स्क्वायर किलोमीटर है । बांध में पानी का मुख्य स्रोत मोती वेला के साथ अन्य नदियों से होता है । इसमें कई जलाशयो  का पानी एकत्र होकर आता है । नहरो की कुल लंबाई के बारे में बताया कि मेंन कैनाल के साथ माइनर भी जोड़े तो 98 किलोमीटर बनती है। जबकि मेंन कैनाल भदेसर उपखंड के परमेश्वरपुर , नौगांवा, चिकारड़ा ,आकोला फतेहपुरा, आक्या तक 23 किलोमीटर होती है तो  निकुंभ तक 18 किलोमीटर तक जाती है। 3 किलोमीटर लंबाई की आलोद माइनर है।  बांध से कुल 8266 हेक्टर भूमि की सिंचाई होती है। बांध के निर्माण के 46 सालो में कई मौके ऐसे आए हैं कि बांध रीता ही रहा है । लेकिन अधिकांश सालों में पानी की पूर्ति के चलते किसान सरसब्ज हुआ है। सिंचाई विभाग वागन परियोजना के सहायक अभियंता  ने बताया कि 8266 हेक्टर भूमि पर बांध का पानी सिंचाई करता है जिसके चलते क्षेत्र के किसान अपनी फसले  पैदा कर सरसब्ज बनता है  इस वर्ष वर्षा ऋतु के चलते पूरे राजस्थान में बरसात नदी नाले अपने वेग पर थे । लेकिन वागन बांध में स्थित गड्ढे भी नहीं भर पाए । जिससे किसान चिंतित दिखा । लेकिन पिछले एक सप्ताह से चली बरसात ने  बांध क्षेत्र के गड्ढे भरते हुए 90 सेंटीमीटर पानी पहुंचा दिया। वही बरसात जारी है। देखना अब यह है की बांध भर पाता है या नहीं तहसील में स्थित वर्षा मापी यंत्र की स्थिति से पता चला कि डूंगला उपखंड की अब तक की बरसात 800 एमएम हुई है । मंगलवार को 13 एमएम बरसात हुई है । इन आंकड़ो की माने तो बांध लगभग भरने की पोजिसन में होना चाहिए । लेकिन अभी भी रीता ही है लगभग । देखना प्रकृति क्या गुल खिलाती है ।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post