चित्तौड़गढ़ चिकारड़ा- गणेश चतुर्थी के अवसर पर चिकारड़ा में सार्वजनिक रूप से दो जगह गणपति की स्थापना शुभ मुहर्त में की गई । जिसमें गणपति चौक ब्रह्मपुरी पर तथा दूसरी सांवलिया जी रोड स्थित खटीक बस्ती में की गई । स्थापना को लेकर ग्रामीणों में खासी खुशी नजर आई।
जानकारी में गणपति महोत्सव समिति के अध्यक्ष उदयलाल गुर्जर द्वारा बताया गया 10 दिवसीय गणपति महोत्सव के तहत गणपति स्थापना को लेकर सांवलिया जी चौराहा से कलश यात्रा शुरू हुई। मंगलवाड़ निंबाहेड़ा मार्ग पर होती हुई मेंन बस स्टैंड पहुंची जहां से आगे बढ़ते हुए प्रजापत मोहल्ला होती हुई नीम चौक से रवाना होकर हनुमान मंदिर पहुंची । जहां से पुनः रवाना होती हुई नीम चौक पर पहुंच गणपति बप्पा को गणित गणपति चौक पर शुभ मुहूर्त में स्थापित किया गया। वही ग्रामीणों ने भी अपने घर मकान पर गणपति की स्थापना कर पूजा अर्चना की। कलश यात्रा में सैकड़ो महिलाओं पुरुषों के साथ 311 महिलाए अपने सर कलश लेकर चल रही थी। वहीं ऊंट गाड़ी में गणपति जी की मूर्ति शोभायमान लग रही थी। पंडितों द्वारा चवर ढुलाये जा रहे थे। डीजे की धुन पर महिला पुरुष बालक बालिकाएं युवक युवतिया जमकर नृत्य करते हुए कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करते हुए दिखाई दी। वहीं थिरकते हुए आगे बढ़ रही थी। बप्पा के भजनों में मस्त पुरुष भी थिरकने से अपने आप को नहीं रोक पाए । रास्ते भर ग्रामीणों ने बप्पा का स्वागत करते हुए पूजा अर्चना कर प्रसाद चढ़ाया। कलश यात्रा में एक मेले सा माहौल दिखाई दिया । ग्रामीण बप्पा का स्वागत मकान की छतों से फूल बरसा कर कर रहे थे । गणपति स्थापना के साथ ही डांडियों की खनक शनिवार शाम से शुरू हुई । वहीं रात्रि में बालक बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां भी दी गई । इससे पूर्व आयोजकों ने कार्यक्रम के आगाज के लिए दो माह से लगातार भरसक प्रयास किया । गणपति चौक पर इस बार बरसात को देखते हुए बरसाती टेंट की व्यवस्था की गई। डूंगला उपखंड के चिकारड़ा में गणपति महोत्सव को लेकर एतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है। इस महोत्सव में विविध आयोजन को लेकर लाखों रुपए का खर्च किया जाता है। कलश यात्रा में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जहां एक और गणपति महोत्सव समिति के कैंडिडेट खड़े थे वहीं पुलिस जाब्ता ने उपस्थिति दर्ज कराते हुए व्यवस्था को बनाए रखा।
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