जेतपुरा में छह क्विंटल दूध की खीर बनाकर ग्रामीणों को प्रसाद के रूप में की वितरण जेतपुरा में चार दशक से चली आ रही परंपरा।

G94NEWS Dungla से पवन कुमार अग्रवाल 
 डूंगला- जेतपुरा ग्राम में पिछले 8 दिनों से जारी नवरात्रि महोत्सव का शुक्रवार को समापन हुआ शनिवार को नोरता उठने के साथ ही पांच दशक से चली आ रही परंपरा का ग्रामीणों ने  निर्वहन करते हुए धूमधाम से माताजी को सरवर पहुंचाया । जहा पर भोपा द्वारा जमाने को लेकर भविष्यवाणी की गई। रास्ते पर ग्रामीणों द्वारा माताजी का आशीर्वाद लिया गया वहीं महिलाएं मंगल गीत गाती हुई आगे बढ़ रही थी वही बालिकाएं जवारा लिए चल रही थी। 


इससे पूर्व शुक्रवार को आठ दिवसीय नवरात्रि महोत्सव का गरबा थमने के साथ ही समापन हुआ। गरबा के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन भी हुए। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जेतपुरा गांव के नारायण लाल गाडरी के साथ दलीचंद गुर्जर ने बताया कि एकम को नवरात्रि स्थापना के साथ ही अष्टमी तक एडेला माता की पूजा अर्चना के साथ ही गरबा का कार्यक्रम निरंतर जारी रहा वहीं भजन संध्या भी लगातार चलती रही। नवमी को माताजी विसर्जन को लेकर सरवर पहुंचे। जहां पर आगे आने वाले भविष्य को लेकर भविष्यवाणी की गई। 9 दिन चले इस कार्यक्रम का समापन हुआ ।


 समापन के अवसर पर 6 क्विंटल खीर का प्रसाद ग्रामीणों में वितरण किया गया। यहां यह बता दें कि जेतपुरा गांव में पिछले चार दशक से भी अधिक समय से बनी परम्परा का ग्रामीण आज भी निर्वहन करते हुए नवरात्रि की नवमी  तिथि को ग्राम का कोई भी व्यक्ति अपने मवेशियों का दूध विक्रय नहीं करता है और नहीं घर पर यूज के लिए रखता है। पूरा का पूरा दूध एडेला माता मंदिर परिसर में माता को अर्पण किया जाता है। और इसी की खीर बनाकर माता को अर्पण कर ग्रामीणों को भोग के रूप में प्रसाद वितरण किया जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए शनिवार को भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें ग्रामीणों ने अपना सर्वत्र दूध माता एडेला के चरणों में अर्पित किया। उनके द्वारा बताया गया कि लगभग 6 से 8  क्विंटल दूध माता के चरणों में अर्पित हुआ।  जिसकी खीर बनाकर ग्रामीणों में प्रसाद के रूप में वितरण की गई । नौ दिवसीय कार्यक्रम को आयोजित करने में एडेला माता कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ ग्रामीणों ने पूरा सहयोग किया। मंदिर को साज सज्जा के साथ सजाया गया। लाइट डेकोरेशन में चार चांद लगाए। नोवे दिवस पर हवन शांति के मौके पर ग्रामीणों का ज्वार उमड़ पड़ा। माताजी के सर्वर जाते समय हर व्यक्ति माताजी से आशीर्वाद लेने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहा था।

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