संलग्न..भीलवाड़ा जिले के काछोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

 



लोकेशन भीलवाड़ा 

रिपोर्टर प्रदीप वैष्णव

भीलवाड़ा जिले के काछोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। चार चिकित्सकों के स्वीकृत पद होने के बावजूद अस्पताल में केवल एक डॉक्टर कार्यरत हैं। शुक्रवार को ड्यूटी समय में डॉक्टर के अस्पताल में नहीं मिलने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 



काछोला तहसील के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की भारी कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। अस्पताल में चार स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल एक चिकित्सक कार्यरत हैं। ऐसे में मरीजों का इलाज और अस्पताल की व्यवस्था काफी हद तक कंपाउंडर के भरोसे चल रही है।




शुक्रवार को मौसमी बीमारियों से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सक अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले। डॉक्टर की कुर्सी खाली देखकर मरीज अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते रहे। आरोप है कि ड्यूटी समय में चिकित्सक अस्पताल के बजाय अपने सरकारी आवास पर थे।


इस दौरान कंपाउंडर ने मरीजों की प्राथमिक जांच कर  व्यवस्था संभालने का प्रयास किया। वहीं कई मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ लोग चिकित्सक के सरकारी आवास तक भी पहुंच गए। मामले की सूचना प्रशासन और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को देने के बाद चिकित्सक अस्पताल पहुंचे।



स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकित्सकों की कमी और नियमित अनुपस्थिति के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने चिकित्सा विभाग से अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की नियुक्ति और ड्यूटी के दौरान उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है।



काछोला सीएचसी में डॉक्टरों की कमी और ड्यूटी समय में चिकित्सक के अनुपस्थित मिलने से मरीजों की परेशानी साफ दिखाई दी। अब देखना होगा कि चिकित्सा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार करता है।


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