श्री राम मंदिर में मूर्तियां लगाना व बाद में हटाने को लेकर गहराया विवाद,

 



राजसमंद जिले के नाथद्वारा

 रिपोर्ट गोविंद त्रिपाठी की

मंदिर समिति के अध्यक्ष और मोहले वासियों ने मूर्तियां लगाकर वापस हटाने का किया विरोध,

जूते चप्पल पहने ही मूर्तियों की कर दी थी स्थापना,


मूर्तियां काट कर हटाने पर मंदिर समिति ने देर रात थाने में कराया मामला दर्ज,



नाथद्वारा के ऐतिहासिक नई हवेली चौक स्थित निर्माणाधीन श्री राम मंदिर में मूर्तियों की स्थापना और उन्हें हटाए जाने को लेकर विवाद अब गहरा गया है। इस संवेदनशील मामले में कांग्रेस और मंदिर निर्माण समिति ने एकजुट होकर पुलिस थाने का रुख किया है और भाजपा नेताओं पर धार्मिक भावनाएं भड़काने व पवित्र मूर्तियों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
​नाथद्वारा राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष व निवर्तमान पालिका चेयरमैन मनीष राठी तथा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महेंद्र सिंह गौरवा ने प्रेस वार्ता के दौरान पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने भाजपा महामंत्री प्रदीप काबरा, कुलदीप कनेरिया युवामोर्चा अध्यक्ष कपिल उपाध्याय और उनके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और धार्मिक विधि-विधान के जबरन मंदिर परिसर में मूर्तियां स्थापित करने की कोशिश की।
​शिकायत के अनुसार राजनीतिक श्रेय लेने की जल्दबाजी में इन नेताओं ने देर रात कटर व अन्य औजारों का इस्तेमाल कर मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की और बाद में उन्हें परिसर से हटाकर बक्सों में बंद कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस मंदिर का निर्माण पूर्व विधायक डॉ. सीपी जोशी के अथक प्रयासों से स्वीकृत हुए 40 लाख के बजट से कराया जा रहा है और मंदिर समिति ने शास्त्रीय रीति-रिवाज से स्थापना के लिए पहले ही राम दरबार की मूर्तियां मंगवा ली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी नगर पालिका चुनावों को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक लाभ उठाने के मकसद से भाजपा नेताओं ने इस कृत्य को अंजाम दिया है, जिससे न केवल क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास हुआ है बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं की जनभावनाओं और आस्था के साथ भी खिलवाड़ किया गया है।

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