जिला - चितौड़गढ़
तहसील - डूंगला
खबर लोकेशन - चिकारड़ा
रिपोर्टर - राजमल सोलंकी
श्री नरसिंह स्थान मंदिर विकास समिति चिकारड़ा की देखरेख में निशुल्क व्यवस्था; रोजाना 300 से ज्यादा भक्त पा रहे हैं विविध महाप्रसाद
चिकारड़ा । सावन मास के प्रारंभ से ही सांवलिया जी बस स्टैंड चौराहा स्थित पावन धाम पर भक्ति की अनूठी बयार बह रही है। इसी एक संयुक्त परिसर में श्री चमत्कारी बालाजी मंदिर एवं श्री मनसापूर्ण महादेव मंदिर दोनों विराजमान हैं, जहाँ प्रतिदिन भव्य धार्मिक आयोजन निर्बाध रूप से जारी है।
सामाजिक समरसता और आस्था का केंद्र
बालाजी महाराज पूरे गाँव व समूचे जगत के कल्याणकर्ता हैं। हर वर्ग व समाज के लोग एक साथ बैठकर आराधना करते हैं और अपनी श्रद्धा अनुसार महाप्रसाद की सेवा दर्ज कराते हैं।
संगीतमय सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा व महाआरती
प्रतिदिन रात्रि 8:15 बजे से गाँव के 'सुंदरकांड मानस मंडल' के सान्निध्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ प्रारंभ होता है, जिसमें अब युवा, महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग भी सुर में सुर मिलाते हैं। पाठ के उपरांत हनुमान चालीसा, मनसापूर्ण महादेव व बालाजी की महाआरती और प्रभु को विधिवत भोग लगाने का क्रम चलता है। भामाशाहों का समर्पण- रोज़ बंट रहे विविध व्यंजन
प्रतिदिन 300 से अधिक भक्तों के लिए क्षेत्र के भामाशाहों द्वारा अलग-अलग प्रकार के प्रसाद की सेवा दी जा रही है। किसी दिन खीर, चूरमा, मोतीचूर के लड्डू, मालपुआ, मावा, साबूदाना खिचड़ी, तो किसी दिन फल व अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों का वितरण होता है। कई बार तो एक ही दिन में चार-पाँच भक्त मिलकर अलग-अलग व्यंजनों का भोग लगवाते हैं।
श्री नरसिंह स्थान मंदिर विकास समिति की सुदृढ़ व्यवस्था
इस पूरे आयोजन की देखरेख श्री नरसिंह स्थान मंदिर विकास समिति चिकारड़ा द्वारा बखूबी की जा रही है। बारिश से बचाव के लिए वाटरप्रूफ बरसाती टेंट और बिजली जाने पर साउंड व रोशनी के लिए इन्वर्टर की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।
रात 10 बजे महाआरती व भोग के बाद व्यवस्थित रूप से महाप्रसाद वितरण किया जाता है, जिससे पूरा सांवलिया जी चौराहा इन दिनों पूर्णतः शिव-राममय बना हुआ है।
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