स्कूलों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध के खिलाफ IFWJ ने दिया ज्ञापन, आदेश को निरस्त करने की मांग



 चित्तौडगढ 

प्रवीण दवे  रिपोर्ट 


चित्तौड़गढ़, 1 सितंबर 2026।* राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी विद्यालयों में फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के विरोध में आज इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) चित्तौड़गढ़ इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।


IFWJ ने ज्ञापन जिला कलेक्टर डॉ. मंजू चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल जी शर्मा को प्रेषित किया।


ज्ञापन में बताया गया कि शिक्षा निदेशक, बीकानेर द्वारा जारी परिपत्र में संस्था प्रधान की अनुमति को अनिवार्य किया गया है, जिसे पत्रकार समाज प्रेस की स्वतंत्रता, जनहित की पत्रकारिता और जनता के सूचना के अधिकार के लिए चिंताजनक मानता है।


IFWJ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशन में जिला इकाई द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि विद्यालयों में जर्जर भवन, मूलभूत सुविधाओं का अभाव, छात्राओं से दुर्व्यवहार जैसी घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसी स्थिति में यदि उसी संस्था प्रधान से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया जाएगा, तो स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित होगी और सरकारी व्यवस्थाओं की जवाबदेही खत्म हो जाएगी।


IFWJ ने 5 सूत्रीय मांग रखी -

विद्यालयों में फोटोग्राफी- वीडियोग्राफी पर लगाया गया प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल निरस्त किया जाए। जनहित के मामलों में पत्रकारों को स्वतंत्र कवरेज से अनुमति प्रक्रिया से मुक्त किया जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ पत्रकारों के अधिकारों की भी स्पष्ट रक्षा की जाए। प्रेस की स्वतंत्रता में बाधा उत्पन्न करने वाला कोई भी आदेश लागू न रहने दिया जाए। कमियों को छिपाने के बजाय उन पर कार्रवाई कर व्यवस्था सुधारने की दिशा में काम किया जाए।


इस अवसर पर IFWJ चित्तौड़गढ़ इकाई के जिला अध्यक्ष ओम भट्ट, महासचिव दुर्गेश कुमार लक्षकार, कोषाध्यक्ष आकाश शर्मा सहित वरिष्ठ पत्रकार अनिल सुखवाल, श्याम वैष्णव, प्रकाश खत्री, नरेंद्र सेठिया, प्रवीण दवे, सलमान मंसूरी, नरेश सोनी, अभिषेक जैन आदि पत्रकार मौजूद रहे।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post