बिनोता न्यूज- तहसील के मंडलाचारण गाँव में बीते दिनों गाँव के ही दो युवा गोपाल चारण पुत्र गणेश चारण व दिनेश गोस्वामी पुत्र उदयगिरी गोस्वामी ने राष्ट्रीय पक्षी मोर की जान बचाकर मानवता की अद्भत मिसाल पेश करी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार शाम को अपने घर से बाहर टहलने निकले गोपाल व दिनेश को गाँव के बाहर ही पत्थरों और झाड़ियों के पीछे कुछ कुत्ते भौंकते नजर आये, किन्तु पास जाकर देखा तो यहाँ नज़ारा कुछ ऒर ही था, यहाँ पर वास्तव में एक बिल्ली ने मोर को दबोच रखा था। यहाँ लहूलुहान मोर व उसके कुछ पंख बिखरे हुए थे और कुछ दूरी पर ही एक कुत्ता भी भौंक रहा था। यह नजारा देख गोपाल व दिनेश ने मोर को बचाने की ठान ली और उसको सुरक्षित तरीके से वहाँ से बचाकर अपने घर लाकर प्राथमिक उपचार किया। मोर को रातभर अपने घर रखा और सुबह होते ही अपने आदर्श गुरु डॉ. हीरालाल लुहार को उक्त घटनाक्रम की जानकारी देते हुए सलाह माँगी जिस पर गाँव से 16 किलोमीटर दूर निम्बाहेड़ा पशु चिकित्सालय ले जाकर उसका इलाज करवाया। इलाज के बाद मोर को वन विभाग के सुनील यादव को सुपुर्द कर दिया गया।
इधर, राष्ट्रीय पक्षी मोर के उक्त घटना की जानकारी लोगों को मालूम पड़ते ही सभी ने मुक्त कंठ से युवाओं के इस कार्य की प्रशंसा करी। गोपाल ने बताया कि घटना के समय यदि वे नही पहुंचते तो बिल्ली या कुत्तों द्वारा मोर को मरना निश्चित था किंतु उनकी जीवदया की भावना के तहत राष्ट्रीय पक्षी मोर को बचाया जा सका। युवाओ का कहना है कि उनको यह प्रेरणा उनके विद्यालय समय के हिन्दी व्याख्याता गुरु डॉ. हीरालाल लुहार से मिली थी, गुरु ने एक दिन पढ़ाई के दौरान जीवदया को लेकर व्याख्यान ही ऐसा दिया कि उस दौरान ही युवाओ ने जीवदया व मानवता के कार्य को करने की ठान ली थी। वर्तमान में उक्त व्याख्याता शिक्षक बिनोता के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य है और पर्यावरण व जीव सरंक्षण हेतु जनजागृति अभियान चलाते हैं।
बिनोता फोटो, राष्ट्रीय पक्षी मोर को सुरक्षित वन विभाग में सौंपते हुए पक्षी प्रेमी गोपाल चारण एवं दिनेश गोस्वामी।

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