भीलवाड़ा के मांडलगढ़ ब्लॉक में सार्वजनिक निर्माण विभाग की लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। थलकला से भोरण चौराहा तक करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क का सुदृढ़ीकरण और चौड़ीकरण कार्य एक साल बाद भी अधूरा है। सड़क पर फैली गिट्टी और निर्माण सामग्री के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। अब ग्रामीणों ने जल्द काम पूरा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

 


लोकेशन: भीलवाड़ा

रिपोर्टर: प्रदीप वैष्णव

मांडलगढ़ ब्लॉक के थलकला से भोरण चौराहा (एमडीआर-279) तक सड़क का निर्माण कार्य केंद्रीय सड़क एवं आधारभूत संरचना निधि (CRIF) योजना के तहत करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से 15 जून 2025 को शुरू किया गया था। विभाग के अनुसार यह कार्य 14 मई 2026 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद सड़क पर डामरीकरण अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीनों से निर्माण कार्य बंद है और सड़क पर गिट्टी, कंक्रीट व मिट्टी बिखरी होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



ग्रामीणों के अनुसार दो महीने पहले सरथला निवासी अशोक मीणा की बाइक गिट्टी पर फिसलने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं बीती रात राजपुरा निवासी भवानी सिंह भी सड़क पर फैली गिट्टी के कारण हादसे का शिकार हो गए। दुर्घटना में उनके पैर में फ्रैक्चर, शरीर पर गंभीर चोटें और सिर में गहरी चोट आने के बाद उन्हें भीलवाड़ा रेफर करना पड़ा।



जीएसएस अध्यक्ष राधेश्याम कंजर ने कहा कि एक वर्ष बाद भी सड़क निर्माण पूरा नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल डामरीकरण कार्य पूरा कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि भविष्य में इस अधूरी सड़क पर होने वाले किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग की होगी।


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