गाँव घाटरी में अवैध क्रेशर का जानलेवा तांडव: सिलिकोसिस से 20 मौतों का आरोप, चौथे दिन भूख हड़ताल पर बैठे बलबीर फ़ौजदार
संवाददाता- परमसुख सैनी
लोकेशन- घाटरी भुसावर
जन जागरण संदेश / परमसुख सैनी
भुसावर (भरतपुर)। उपखंड क्षेत्र के निकटवर्ती गाँव घाटरी में अवैध रूप से संचालित क्रेशर को बंद कराने की माँग को लेकर ग्रामीणों का जन-आक्रोश चरम पर पहुँच गया है। पिछले चार दिनों से जारी धरना-प्रदर्शन के बीच बृहस्पतिवार को आंदोलन ने उस समय बड़ा रूप ले लिया, जब गाँव के युवा बलबीर सिंह (पुत्र श्री नत्थीसिंह फ़ौजदार) अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। प्रशासन की चुप्पी और उदासीनता से क्षुब्ध ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
सिलिकोसिस का दंश: 20 से अधिक लोग गँवा चुके हैं जान
धरना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अवैध क्रेशर से दिन-रात उड़ने वाले बारीक धूल के कणों (प्रदूषण) के कारण गाँव घाटरी और आस-पास के लोग भयानक 'सिलिकोसिस' (फेफड़ों की गंभीर बीमारी) की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस क्रेशर के धूल-धुएँ से अब तक लगभग 20 निर्दोष ग्रामीण सिलिकोसिस बीमारी के कारण अकाल मौत का शिकार हो चुके हैं, जबकि कई अन्य ग्रामीण इस असाध्य बीमारी से जूझ रहे हैं और अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
पर्यावरण और खेती-किसानी भी हो रही बर्बाद
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे इस क्रेशर से केवल मानव जीवन ही संकट में नहीं है, बल्कि इससे उठने वाली धूल खेतों में जमने से फसलें पूरी तरह चौपट हो रही हैं। इसके अलावा क्रेशर से माल ढोने वाले ओवरलोड भारी वाहनों के कारण गाँव की सड़कें गड्डों में तब्दील हो चुकी हैं और आए दिन हादसे का अंदेशा बना रहता है।
माँगें पूरी होने तक जारी रहेगी अनवरत भूख हड़ताल
भूख हड़ताल पर बैठे बलबीर फ़ौजदार एवं धरने पर मौजूद ग्रामीणों ने साफ़ शब्दों में कहा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक इस अवैध क्रेशर को पूर्ण रूप से सील (बंद) नहीं किया जाता और ज़िम्मेदार अधिकारियों द्वारा लिखित में ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक यह भूख हड़ताल व धरना अनवरत रूप से जारी रहेगा।
Comments
Post a Comment