चित्तौडगढ
रिपोर्ट प्रवीण दवे
12 पदों के मुकाबले सिर्फ 4 अध्यापकों के भरोसे चल रहा विद्यालय, विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
मांग पूरी नहीं हुई तो स्कूल पर तालाबंदी और कलेक्टर कार्यालय पर धरना देंगे ग्रामीण
चित्तौड़गढ़ जिले की नगरी पंचायत के बिलिया गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंचकर बैठक की और प्रशासन से खाली पड़े पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्कूल पर तालाबंदी कर कलेक्टर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पूरी खबर
नगरी पंचायत के बिलिया गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर शुक्रवार को ग्रामीण बड़ी संख्या में विद्यालय पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय कक्षा 12 तक संचालित है, लेकिन 11वीं और 12वीं कक्षाओं के कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
विद्यालय प्रशासन द्वारा भी उच्च अधिकारियों को भेजे गए पत्र में राजनीति विज्ञान, भूगोल, हिंदी साहित्य, हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, लिपिक तथा चतुर्थ श्रेणी सहित कई पद रिक्त होने की जानकारी देकर शीघ्र नियुक्ति की मांग की गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में स्वीकृत 12 शिक्षकों के पदों के मुकाबले वर्तमान में केवल 4 अध्यापक कार्यरत हैं, जिनके भरोसे पूरे विद्यालय की व्यवस्था चल रही है। उनका कहना है कि यह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और शिक्षा विभाग व प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
बैठक के बाद ग्रामीणों ने विधायक एवं प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि खाली पड़े सभी पदों को तत्काल भरा जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यालय पर तालाबंदी कर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
बाइट लाइन
"बच्चों का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता है। यदि जल्द शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।" — ग्रामीण, बिलिया
Post a Comment