अब प्रसव केंद्रों पर मिलेगी ‘प्रसव सखी’ की मदद, प्रतापगढ़ में शुरू हुई हेल्प डेस्क व्यवस्था

 



जीला -प्रतापगढ 

तहसील -छोटीसादडी 

जिला अस्पताल, छोटीसादड़ी और अरनोद में 24 घंटे रहेंगी तैनात प्रसव सखियां, हाई रिस्क गर्भवतियों को उपचार में मिलेगी प्राथमिकता


प्रतापगढ़, 24 जुलाई। जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल करते हुए प्रसव हेल्प डेस्क की शुरुआत कर दी है। इस व्यवस्था के तहत अब सरकारी अस्पतालों में आने वाली गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने के साथ ही त्वरित सहायता, आवश्यक मार्गदर्शन और समन्वित स्वास्थ्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। विशेष रूप से उच्च जोखिम (हाई रिस्क) गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता से समय रहते निपटा जा सके।

 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जीवराज मीणा ने बताया कि प्रथम चरण में राजकीय जिला चिकित्सालय, प्रतापगढ़, राजकीय उप जिला चिकित्सालय, छोटीसादड़ी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), अरनोद में प्रसव हेल्प डेस्क स्थापित कर सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इन हेल्प डेस्क पर 24×7 प्रसव सखी की तैनाती रहेगी। पिंक एप्रिन में तैनात प्रसव सखियां अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं का स्वागत करने, उनका पंजीयन कराने, आवश्यक जांच एवं उपचार की प्रक्रिया में सहयोग देने तथा संबंधित वार्ड तक पहुंचाने का कार्य करेंगी। इसके साथ ही प्रसव पूर्व, प्रसव एवं प्रसवोत्तर देखभाल के दौरान भी वे महिलाओं और उनके परिजनों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।



नई व्यवस्था के तहत प्रशिक्षित नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मियों को प्रसव सखी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनका उद्देश्य अस्पताल में आने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के समय पर सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। प्रसव सखियां मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की विभिन्न सेवाओं, जांचों, उपचार प्रक्रियाओं तथा आवश्यक औपचारिकताओं की जानकारी भी देंगी, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित बन सके।


राजकीय जिला चिकित्सालय, प्रतापगढ़ के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) विंग में प्रसव सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नर्सिंग अधिकारियों को अतिरिक्त रूप से प्रसव सखी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राजकीय उप जिला चिकित्सालय, छोटीसादड़ी में प्रारंभिक चरण में दो प्रसव सखियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा सीएचसी अरनोद में भी प्रसव हेल्प डेस्क के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से जोड़ने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।


 सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि प्रसव हेल्प डेस्क के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रवेश करते ही व्यवस्थित मार्गदर्शन, त्वरित सहायता एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जगदीप खराड़ी ने बताया कि हेल्प डेस्क पर तैनात प्रसव सखियां गर्भवती महिलाओं को पंजीयन से लेकर प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल तक निरंतर सहयोग देंगी। इससे विशेष रूप से हाई रिस्क गर्भवतियों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही प्रभावी रेफरल प्रबंधन, सतत निगरानी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

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