निम्बाहेड़ा उपखण्ड अधिकारी को दिया ज्ञापन धाकड़ समाज ने

 

जीला -प्रतापगढ 

तहसील -छोटीसादडी 

रिपोर्टर -प्रहलाद जणवा 



निम्बाहेड़ा उपखण्ड अधिकारी को दिया ज्ञापन धाकड़ समाज ने 


 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोटड़ी कलां के प्राचार्य राधेश्याम धाकड़ के विरुद्ध लगाए गए मिथ्या आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किए जाने बाबत ।



सविनय निवेदन है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोटड़ी कलां में कार्यरत प्राचार्य राधेश्याम धाकड़ के विरुद्ध विद्यालय के व्याख्याता कुलदीप चौधरी द्वारा सोशल मीडिया पर छात्राओं के साथ दुर्वयवहार संबंधी भ्रामक एवं निराधार सूचनाएं प्रसारित की गई हैं। उक्त आरोप तथ्यों से परे एवं असत्य प्रतीत होते हैं। प्राचार्य द्वारा छात्राओं के प्रति सदैव पिता तुल्य व्यवहार किया गया है तथा उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।


ज्ञातव्य है कि प्राचार्य एवं व्याख्याता  कुलदीप चौधरी के मध्य कुछ समय पूर्व विद्यालयीन अनुशासन एवं कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए थे। प्राचार्य द्वारा निम्नलिखित अनियमितताओं पर आपत्ति व्यक्त की गई थी :-

 कक्षा में मोबाइल फोन का उपयोग करना, जबकि राज्य सरकार के निर्देशानुसार कक्षा में मोबाइल ले जाना एवं उसका उपयोग वर्जित है।

 विद्यालय में समय पर उपस्थित नहीं होना तथा नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन नहीं करना।

विद्यालय परिसर में गुटखा सेवन कर आना, विद्यार्थियों से गुटखा मंगवाना एवं परिसर में थूककर गंदगी फैलाना।

विद्यार्थियों के लिए तैयार मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) का स्वयं नियमित रूप से सेवन करना।

 कक्षा में जाने हेतु कहने पर प्राचार्य के साथ अभद्र भाषा एवं गाली-गलौज करना।

विद्यालय में शिक्षण कार्य की उपेक्षा कर निजी संस्थान में कोचिंग संचालित करना, जो राज्य सरकार के नियमों के विपरीत है।


उक्त अनियमितताओं पर प्राचार्य द्वारा आपत्ति दर्ज कराने पर व्याख्याता श्री कुलदीप चौधरी द्वारा परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके पश्चात छात्राओं को बहला-फुसलाकर प्राचार्य के विरुद्ध वीडियो बनवाए गए, जो संभवतः संबंधित व्याख्याता के मोबाइल में उपलब्ध हो सकते हैं। इस संबंध में न तो अभिभावकों को जानकारी थी और न ही विद्यालय के अन्य स्टाफ को।


इसके अतिरिक्त दिनांक 22.07.2026 को सायं लगभग 7 बजे गांव के सोशल मीडिया समूह में संदेश प्रसारित कर ग्रामीणों को विद्यालय पर ताला लगाने हेतु उकसाया गया। फलस्वरूप कुछ ग्रामीणों एवं  कुलदीप चौधरी द्वारा विद्यालय की तालाबंदी की गई। उल्लेखनीय है कि उस समय तक किसी भी अभिभावक अथवा ग्रामीण द्वारा प्राचार्य के विरुद्ध कोई लिखित शिकायत प्रस्तुत नहीं की गई थी। दिनांक 23.07.2026 की प्रातः तक भी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई, जबकि बाद में स्वयं कुलदीप चौधरी एवं उनके सहयोगी शिक्षक द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया।


इससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि संपूर्ण घटनाक्रम प्राचार्य श्री राधेश्याम धाकड़ के विरुद्ध व्यक्तिगत द्वेष एवं प्रतिशोध की भावना से रचित एक सुनियोजित षड्यंत्र हो सकता है।


इस घटनाक्रम के कारण प्राचार्य  राधेश्याम धाकड़ को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है तथा विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

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