जीला -प्रतापगढ
तहसील -छोटीसादडी
रिपोर्टर -प्रहलाद जणवा
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी स्क्रीनिंग अभियान के तहत एमसीएचएन डे पर विशेष स्वास्थ्य सेवाएं
गर्भवती माताओं एवं नवजातों की हुई सघन जांच, अधिकारियों ने फील्ड में जाकर परखी व्यवस्थाएं
प्रतापगढ़, 16 जुलाई। जिले में संचालित पांच दिवसीय विशेष हाई रिस्क प्रेग्नेंसी स्क्रीनिंग अभियान के तहत गुरुवार को एमसीएचएन (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण) दिवस पर जिलेभर के स्वास्थ्य संस्थानों एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की व्यापक स्वास्थ्य जांच, नवजात एवं बच्चों का नियमित टीकाकरण तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष स्क्रीनिंग एवं परामर्श किया गया।
अभियान के अंतर्गत चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, मूत्र परीक्षण सहित आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। साथ ही प्रसव के समय सुरक्षित संस्थागत प्रसव, आपातकालीन रेफरल व्यवस्था, उपलब्ध एम्बुलेंस सेवाओं एवं उच्च संस्थानों में उपचार संबंधी जानकारी भी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने झांसड़ी, खड़ियावद, मालवा कॉलोनी एवं गौतम नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर चिन्हित गर्भवती महिलाओं एवं टीकाकरण हेतु आए शिशुओं की जानकारी ली तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। इसी प्रकार जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लिया।
डॉ. मीणा ने बताया कि 15 जुलाई से प्रारंभ हुआ पांच दिवसीय विशेष हाई रिस्क प्रेग्नेंसी स्क्रीनिंग अभियान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं की सघन स्वास्थ्य जांच कर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाले मामलों की समय पर पहचान की जा रही है तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि आशा सहयोगिनी, एएनएम एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के माध्यम से प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है तथा सभी आवश्यक जानकारियां समय पर पीसीटीएस पोर्टल पर दर्ज की जा रही हैं। प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भधारण के प्रथम 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की होगी नियमित निगरानी
सीएमएचओ ने बताया कि अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच सुनिश्चित की जा रही है। इनमें रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, मूत्र परीक्षण, रक्त शर्करा सहित सभी आवश्यक जांचें शामिल हैं। एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व सिजेरियन प्रसव, जुड़वां गर्भ, अत्यधिक रक्तस्राव एवं अन्य जटिलताओं वाले मामलों की पहचान कर उन्हें हाई रिस्क श्रेणी में शामिल किया जा रहा है।
ऐसी सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नामवार सूची उप स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला स्तर तक तैयार की जा रही है तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नियमित समीक्षा, फॉलोअप एवं आवश्यकतानुसार समय पर रेफरल सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।

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