जीला -प्रतापगढ
तहसील -छोटीसादडी
रिपोर्टर -प्रहलाद जणवा
अधिकारियों ने फील्ड में जाकर जानी जमीनी हकीकत
जयपुर से पहुंचीं आरसीएच निदेशक ने पीपलखूंट सीएचसी का किया निरीक्षण, एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान एवं लेबर रूम व्यवस्थाओं की समीक्षा
प्रतापगढ़, 17 जुलाई। गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) स्क्रीनिंग अभियान की जमीनी स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान की निदेशक (आरसीएच) डॉ. मधु रितेश्वर ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीपलखूंट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया तथा क्षेत्र में संचालित एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि निदेशक आरसीएच ने सीएचसी पीपलखूंट के लेबर रूम, गायनिक वार्ड, प्रतीक्षा कक्ष, निःशुल्क दवा वितरण व्यवस्था एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने लेबर रूम में संक्रमण नियंत्रण, साफ-सफाई, उपकरणों की उपलब्धता तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की स्वच्छता एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी दिए।
निरीक्षण के उपरांत आयोजित सेक्टर बैठक में निदेशक आरसीएच ने आशा सहयोगिनियों एवं एएनएम से सीधे संवाद कर एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत एएनसी जांच सुनिश्चित किए बिना हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान संभव नहीं है। उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला की नियमित रूप से रक्तचाप (बीपी), रक्त शर्करा (शुगर), हीमोग्लोबिन, मूत्र जांच सहित सभी आवश्यक एएनसी जांचें निर्धारित समय पर कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्क्रीनिंग एवं रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर स्तर पर क्रॉस मॉनिटरिंग करने पर भी विशेष जोर दिया।
सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा ने बताया कि जिले में संचालित विशेष एचआरपी स्क्रीनिंग अभियान के तहत स्वास्थ्य दल घर-घर पहुंचकर गर्भवती महिलाओं की जांच एवं ट्रैकिंग कर रहे हैं। ड्यू-लिस्ट के अनुसार नियमित टीकाकरण किया जा रहा है तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को आवश्यकता पड़ने पर रेफरल व्यवस्था, उच्च संस्थान तक पहुंचने की प्रक्रिया एवं सुरक्षित प्रसव के संबंध में परामर्श भी दिया जा रहा है।
बैठक में आरसीएचओ डॉ. जगदीप खराड़ी ने जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा टीकाकरण की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। वहीं सीएचसी प्रभारी डॉ. अंकित अग्रवाल ने पीपलखूंट सीएचसी में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी तथा सेक्टर एमओआईसी भी उपस्थित रहे।
अभियान की प्रगति एक नजर में
अप्रैल से जुलाई 2026 तक कुल एएनसी पंजीकरण- 6,374
कुल चिन्हित हाई रिस्क गर्भवतियां (एचआरपी)- 553
विशेष अभियान के दौरान अब तक ट्रैक की गई गर्भवतियां- 159
शेष गर्भवतियों की जांचरू आगामी पीएमएसए दिवस (18 तारीख) पर की जाएगी

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