कोटड़ीकलां में प्रधानाचार्य पर विद्यालय की कुछ छात्राओं ने बेड टच एवं अशोभनीय व्यवहार के लगाये आरोप

 


जिला चित्तौड़गढ़ 

तहसील निंबाहेड़ा 

रिपोर्टर पप्पू देतवाल 


ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओ ने विद्यालय के गेट पर ताला लगाकर किया विरोध प्रदर्शन

निंबाहेड़ा। ग्राम पंचायत कोटड़ीकलां के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य राधेश्याम ठरना पर विद्यालय की कुछ छात्राओं ने बेड टच एवं अशोभनीय व्यवहार के लगाये आरोपों के मामले में छात्राओं की आवाज उठाने वाले शिक्षकों को हटाने पर मामले ने तुल पकड़ा एवं गांव के सामाजिक कार्यकर्ता नेत्रपाल सिंह गुरुवार सुबह विद्यालय गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए उनके समर्थन में पीड़ित एवं अन्य छात्र छात्राओं और  शौकीन सुथार, तेजपाल सिंह, अमर सिंह, अनिल सेन, मुकेश सेन, केसरीमल मीणा, राजमल, शंभू लाल , ज्ञानमल, कारू लाल सहित कई ग्रामवासी विद्यालय पहुंचे विद्यालय गेट के ताला लगाया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
भूख हड़ताल एवं विरोध प्रदर्शन की सूचना पर उपखंड अधिकारी विकास पंचोली ने तहसीलदार घनश्याम जरवार एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अरविंद मुंदड़ा को मौके पर भेजा जिन्होंने विद्यालय पहुंचकर उनकी शिकायत को सुना एवं सात दिन में मामले की जांच करवाकर प्रधानाध्यापक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने तथा हटाए गए शिक्षकों को पुनः वही लगाने के आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों एवं छात्र-छात्राओं उपखंड अधिकारी के नाम प्रधानाध्यापक के निलंबन व अन्य मांगों का शिकायत पत्र देकर विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।
उपरोक्त मामले में नेत्रपाल सिंह द्वारा मिली जानकारी  अनुसार विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा 11 व 12 की लगभग 12 से अधिक छात्राओं ने प्रधानाचार्य  राधेश्याम ठरना के खिलाफ पिछले कई दिनों से बेड टच एवं अशोभनीय हरकत करने की शिकायत विद्यालय के व्याख्याता कुलदिप सिंह चौधरी को की चौधरी इस मामले को अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को बताया जिन्होंने इस संबंध में प्रधानाध्यापक से चर्चा की लेकिन उन्होंने मना कर दिया कि ऐसी कोई बात नहीं है। 
मामले की जानकारी जब छात्राओं के परिजनों एवं ग्राम वासियों को मिली तो वे बुधवार को विद्यालय पहुंचे एवं ग्राम पंचायत सरपंच एवं अध्यापकों की उपस्थिति में उपरोक्त मामले को लेकर मीटिंग की जिसमें छात्राओं के बयान पर प्रधानाध्यापक को हटाने के लिए अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा गया लेकिन मीटिंग में तैयार की गई शिकायत अनुसार कारवाई नहीं हुई तथा उल्टे छात्राओं की आवाज उठाने वाले व्याख्याता कुलदीप सिंह चौधरी एवं एक अन्य शिक्षक को विद्यालय से हटा दिया। जिससे छात्र एवं ग्रामवासी आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन किया।


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