तहसील - डूंगला
खबर लोकेशन - चिकारड़ा
रिपोर्टर - राजमल सोलंकी
कायाकल्प की मिसाल, प्रधानाचार्य मोहनलाल कीर के नेतृत्व में बदला चिकारड़ा स्कूल का स्वरूप,59वें जन्मदिन पर किया 60 फलदार पौधों का पौधारोपण कर मनाया जन्मदिन।
चिकारड़ा। कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चिकारड़ा में इन दिनों बदलाव और विकास की एक नई बयार बह रही है। जब से विद्यालय में प्रधानाचार्य मोहनलाल कीर ने पदभार संभाला है, तब से स्कूल की दिशा और दशा पूरी तरह बदल चुकी है। अनुशासन, कड़े नियम-कायदे और पारदर्शी कार्यशैली के बूते उन्होंने विद्यालय को एक नई पहचान दी है।
प्रधानाचार्य कीर अपनी लगन, दृढ़ इच्छाशक्ति और काम के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते हैं। वे हमेशा अपने हिसाब से अनुशासन और नियमों का सख्ती से पालन कराते हुए विद्यालय के हित में कड़े व दूरगामी फैसले लेते हैं। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धियों में से एक विद्यालय की खेल मैदान की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना रहा है। लंबे समय से जिस खेल मैदान पर अवैध कब्जा बना हुआ था, उसे प्रधानाचार्य ने अपने कड़े प्रयासों, प्रशासनिक समन्वय और सूझबूझ से मुक्त करवाया, जिससे आज बच्चों को खेलने के लिए एक सुरक्षित और बड़ा खेल मैदान मिल सका है।
विद्यालय के बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उनका समर्पण केवल स्कूल परिसर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज के अन्य सार्वजनिक कार्यों और सामाजिक दायित्वों में भी बराबर अपनी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
जन्मदिन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश-
इसी कड़ी में प्रधानाचार्य मोहनलाल कीर ने अपने 59वें जन्मदिन को भी एक यादगार और प्रेरणादायक मिसाल बना दिया। उनकी मंशा के अनुसार विद्यालय की बाउंड्री वॉल के भीतर 60 उच्च गुणवत्ता वाले फलदार एवं छायादार पौधों का पौधारोपण किया गया ।
अनुशासन और हरित क्रांति की अनोखी मिसाल-
जन्मदिन पर फिजूलखर्च के बजाय 60 फलदार पौधे लगाने की इस पहल की पूरा चिकारड़ा गांव प्रशंसा कर रहा है। ग्रामीणों और विद्यालय स्टाफ का कहना है कि प्रधानाचार्य मोहनलाल किर के आने के बाद से स्कूल में न केवल कड़ा अनुशासन कायम हुआ है, बल्कि खेल मैदान की मुक्ति और अब यह पौधारोपण उनके दूरदर्शी नेतृत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण है। रोपे गए ये पौधे आने वाले समय में विद्यार्थियों को छाया और फल देने के साथ-साथ विद्यालय परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाएंगे।
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