रिपोर्टर/मनोज खंडेलवाल
लोकेशन/मंडावर
दौसा के मंडावर थाना पुलिस ने 15 अगस्त को खेड़ली कलां के जंगल में बाजरे की फसल के बीच मिले राहुल उर्फ भानू मीना के शव के मामले में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने 15 हजार रुपए के इनामी हिस्ट्रीशीटर सुरेश उर्फ सुर्रा मीना और उसके साथी शेरसिंह उर्फ शेरू मीना को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को मुख्य घटनास्थल बैरवा वास, किशोरपुर से करीब तीन किलोमीटर दूर खेड़ली कलां के बाजरे के खेत में डाल दिया था। बताया गया कि मृतक का दो दिन पहले चेतराम मीना से विवाद हुआ था, इसी बात को आधार बनाकर पुलिस का शक दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश की गई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, साइबर तकनीक और गुप्त सूचना का सहारा लिया। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने करीब 800 किलोमीटर का सफर तय किया और लगातार दिन-रात जुटी रही। आखिरकार तकनीकी साक्ष्यों और आसूचना की कड़ियां जोड़ते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सुरेश उर्फ सुर्रा थाना खेड़ली का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ अलवर, दौसा, भरतपुर तथा दिल्ली में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई मामले दर्ज रहे हैं। मामले में अनुसंधान अभी जारी है और पुलिस हत्या के कारण तथा वारदात में अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
फिलहाल मंडावर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक ऐसे ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है, जिसमें हत्यारों ने शव का ठिकाना बदलकर जांच को भटकाने की कोशिश की थी।
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