ग्रामीणों ने 5 किलो कम गेहूं देने व अग्रिम अंगूठा लगवाने का लगाया आरोप,
राजसमंद जिले में देलवाड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम गोरेला स्थित भील बस्ती के निवासियों ने राशन वितरण में हो रही गंभीर अनियमितताओं और धांधली को लेकरदेलवाडा तहसीलदार, जिला कलेक्टर एवं जिला रसद अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने राशन डीलर पर निर्धारित मात्रा से 5 किलो कम गेहूं देने, वितरण से पहले ही ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट लेकर राशन न देने और प्रक्रिया में भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भील बस्ती के पात्र व जरूरतमंद परिवारों को पिछले कई महीनों से नियमित राशन नहीं मिल पा रहा है। बीते लगभग चार महीनों से कई परिवार राशन के गेहूं से पूरी तरह वंचित हैं। पूर्व में भी इस संबंध में रसद विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि राशन डीलर नेटवर्क न आने का हवाला देकर राशन वितरण से दो दिन पूर्व ही ई-पॉस मशीन पर लाभार्थियों के फिंगरप्रिंट/अंगूठा लगवा लेता है। इसके बाद जब ग्रामीण निर्धारित समय पर राशन लेने दुकान पहुंचते हैं, तो अक्सर दुकान बंद मिलती है और डीलर का मोबाइल स्विच ऑफ आता है। इस प्रकार बायोमेट्रिक हाजिरी के बावजूद लाभार्थियों को राशन नहीं मिल पाता।
कम गेहूं देने पर घोटाले का बहाना
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब राशन बांटा जाता है, तब पात्र लाभार्थियों को उनके तय कोटे से 5 किलो गेहूं कम दिया जाता है। विरोध करने या कारण पूछने पर राशन डीलर मेरे साथ घोटाला हुआ है। कहकर पल्ला झाड़ लेता है। इससे गरीब परिवारों को उनके हक का अनाज नहीं मिल पा रहा है। भील बस्ती के निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक वितरण का मिलान करवाया जाए। साथ ही संपूर्ण मामले की उच्च अधिकारियों की देखरेख में निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी डीलर के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पात्र परिवारों को समय पर पूरा राशन मिल सके
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