राजसमंद जिले के नाथद्वारा से गोविंद त्रिपाठी की रिपोर्ट
राजसमंद जिले के नाथद्वारा तहसील के अंतर्गत आने वाले घोड़ाघाटी क्षेत्र में पवित्र सावन मास के उपलक्ष्य में रविवार, को घोड़ागाटी क्षेत्र में श्री मुछाला महादेव जी से भगवान श्री एकलिंगनाथ जी तक प्रथम भव्य एवं विशाल कावड़ यात्रा का सफल आयोजन किया गया। कावड़ यात्रा आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में प्रारंभिक लक्ष्य 300 से 350 श्रद्धालुओं का रखा गया था, लेकिन महादेव की भक्ति और श्रद्धालुओं के अपार उत्साह के चलते 1,300 से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
यात्रा का शुभारंभ संत श्री 108 हरिओम भगवान "नांदसा जागीर" के सान्निध्य में विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। प्रातः से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। यात्रा में सबसे आगे डीजे वाहन पर भगवा ध्वज के साथ भगवान भोलेनाथ, भारत माता एवं महाराणा प्रताप के चित्र सुशोभित थे। इसके पीछे कलश कावड़,भगवा ध्वज लिए बालक, महिलाएँ और पुरुष श्रद्धालु अनुशासित रूप से चल रहे थे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरी यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन एवं एम्बुलेंस की स्वास्थ्य टीम तैनात रही।
मुछाला महादेव से एकलिंगनाथ तक की 15 किलोमीटर की इस यात्रा में 10 वर्ष के बालकों से लेकर 80 वर्ष तक के बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मार्ग में पड़ने वाले कई गांवों के निवासियों द्वारा यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने 36 से अधिक स्वागत द्वार बनाए और 15 से अधिक स्थानों पर फलाहार, जलपान तथा पुष्पवर्षा की व्यवस्था की।
यात्रा का समापन भगवान श्री एकलिंगनाथ जी के मंदिर में हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं ने कावड़ के पवित्र जल से भगवान का भव्य जलाभिषेक किया। इसके पश्चात आयोजन समिति द्वारा व्यवस्थित महाप्रसाद का लाभ श्रद्धालुओं ने लिया।
समिति संयोजक शंकर सिंह झाला (मांडक) ने बताया कि प्रथम बार आयोजित इस कावड़ यात्रा को लेकर क्षेत्र के लगभग 45 गांवों में अभूतपूर्व हर्ष का माहौल रहा। यह यात्रा हिंदू समाज की एकता, सामाजिक समरसता, राष्ट्र की अखंडता, गोमाता की रक्षा और सर्वमंगल की भावना का संदेश देने में सफल रही। उन्होंने सभी संतों, श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, पुलिस व चिकित्सा दल तथा सेवा सहयोगियों का आभार व्यक्त किया
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