नाथद्वारा
रिपोर्टर -गोविंद त्रिपाठी
नाथद्वारा नगर पालिका चुनाव को लेकर नामांकन वापसी के अंतिम दिन नगर की सियासी तस्वीर लगभग साफ हो गई। गुरुवार तक 13 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए, जिसके बाद अब कुल 40 वार्डों में 98 प्रत्याशी चुनावी मैदान में शेष रह गए हैं।
नामांकन वापसी के बाद सामने आई स्थिति के अनुसार 29 वार्डों में मुकाबला सीधा भाजपा और कांग्रेस के बीच होगा, जबकि 11 वार्ड ऐसे हैं जहां तीन या इससे अधिक प्रत्याशी आमने-सामने होंगे। इससे इन वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय या बहुकोणीय रहने की संभावना है।
गौरतलब है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस ने भरसक प्रयास किए, बावजूद इसके 10 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों को नामांकन वापस लेने के लिए राजी नहीं किया जा सका। इससे नाथद्वारा नगर पालिका चुनाव का रोमांच बढ़ गया है। एक ओर निर्दलीय प्रत्याशी पूरी ताकत से चुनावी मैदान में डटे हुए हैं, तो दूसरी ओर दोनों दलों के प्रत्याशियों को अब जीत सुनिश्चित करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी होगी।
इसी बीच गुरुवार दोपहर वार्ड संख्या 23 से जुड़े घटनाक्रम ने पूरे नगर का माहौल गरमा दिया। दरअसल इस वार्ड से एक भाजपा प्रत्याशी अपना नामांकन वापस लेने उपखंड कार्यालय पहुंचा, जो पीसीसी सदस्य देवकीनंदन गुर्जर के पुत्र अजय गुर्जर के सामने चुनाव लड़ रहा था। भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने उसे रोकने का प्रयास किया, जिससे मौके पर मौजूद कांग्रेस समर्थकों के साथ नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ देर माहौल तनावपूर्ण रहने के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली और प्रत्याशी को थाने ले गई। घटना के बाद देवकीनंदन गुर्जर ने भाजपा व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी, वहीं भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस का भारी जाब्ता दिनभर उपखंड कार्यालय पर तैनात रहा।
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