7 साल पुराने हत्याकांड में 10 आरोपियों को आजीवन जेल, महिला आरोपी बरी



तेज बाइक चलाने को लेकर हुआ था विवाद, रामगढ़ में बुजुर्ग की हत्या का मामला


अलवर। करीब सात साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, महिला आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 28,700 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।


अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला वर्ष 2019 में रामगढ़ थाने में दर्ज हुआ था। 15 जून को खेत के पास बाइक तेज चलाने को लेकर पड़ोसी कश्मीर के भांजे सुनील और मंदल के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई, लेकिन विवाद सुलझने के दो दिन बाद 17 जून की शाम करीब 6 बजे कंवरपाल की भाभी भवमती अपनी बोरिंग पर अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान कई लोग वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।


शोर सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।


अदालत ने मामले में 24 गवाहों के बयान और 77 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया। सरकारी वकील अजीत यादव के अनुसार अदालत ने प्रकाश, महेश, ओमसिंह, करण, लालाराम, मेवाराम, सुनील, करौट उर्फ करी और धनसिंह समेत 10 आरोपियों को हत्या का दोषी माना और सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 28,700 रुपए का जुर्माना लगाया गया।


वहीं, आरोपी महिला के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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