स्ट्रेंजर डेंजर-नो-गो-टेल" अभियान के तहत विद्यार्थियों बाल सुरक्षा के प्रति किया जागरूक


 जिला - चितौड़गढ़ 

तहसील - डूंगला 

 लोकेशन - चिकारड़ा 

रिपोर्टर - राजमल सोलंकी 


स्ट्रेंजर डेंजर-नो-गो-टेल"अनजान व्यक्ति से सावधान रहें, खतरा लगे तो दूर जाएं और तुरंत किसी बड़े को बताएं


चिकारड़ा। कस्बे में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चिकारड़ा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे इनिशिएटिव के अंतर्गत मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिकारड़ा में "स्ट्रेंजर डेंजर-नो-गो-टेल" विषय पर विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 8 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी न्यायिक अधिकारी  विकास कुमार अग्रावत (आर.जे.एस.), न्यायिक मजिस्ट्रेट, मण्डफिया ने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा, अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने, बाल तस्करी तथा ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में परिवार एवं विद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों का स्वयं जागरूक, सतर्क और आत्मविश्वासी होना भी अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों को "नो-गो-टेल" सुरक्षा मंत्र समझाते हुए बताया कि यदि कोई अनजान व्यक्ति बच्चे को अपने साथ चलने के लिए कहे, माता-पिता का नाम लेकर भ्रमित करे, उपहार या किसी अन्य प्रकार का लालच दे अथवा किसी संदिग्ध परिस्थिति में कहीं ले जाने का प्रयास करे, तो बच्चे को तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए- "नो" अर्थात स्पष्ट रूप से मना करना, "गो" अर्थात तुरंत सुरक्षित एवं भीड़भाड़ वाले स्थान की ओर चले जाना और "टेल" अर्थात माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत इसकी जानकारी देना। श्री अग्रावत ने विद्यार्थियों को समझाया कि प्रत्येक अनजान व्यक्ति खतरनाक नहीं होता, लेकिन किसी अपरिचित व्यक्ति पर बिना सत्यापन के विश्वास करना भी सुरक्षित नहीं है।कार्यक्रम में ऑनलाइन एवं सोशल मीडिया सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा की गई। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे अनजान ऑनलाइन व्यक्तियों के साथ अपना घर का पता, स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर, पासवर्ड, लाइव लोकेशन अथवा दैनिक दिनचर्या जैसी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। यदि कोई ऑनलाइन परिचित मिलने के लिए बुलाए अथवा बातचीत को गुप्त रखने का दबाव बनाए, तो ऐसी स्थिति में तुरंत माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी दें।इस अवसर पर अधिवक्ता श्रीमती सुमित्रा चौधरी ने विद्यार्थियों को बाल अधिकार, विधिक संरक्षण तथा सुरक्षित एवं असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी, भय, दबाव अथवा शोषण की स्थिति में बच्चों को चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि समय पर अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेनी चाहिए।पीएलवी गोकुल लाल रेगर ने भी विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी तथा आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय के उप प्रधानाचार्य भैरूलाल जटिया सहित विद्यालय के शिक्षकगण कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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