"तीन बार विधायक बनने के बाद चित्तौड़ को क्या मिला?" - पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह जाडावत ने बीजेपी और विधायक आक्या पर बोला सीधा हमला*


 चित्तौडगढ 

रिपोर्टर -प्रवीण दवे 

चित्तौड़गढ़: निकाय चुनाव से पहले चित्तौड़गढ़ की सियासत गरमा गई है। वृंदावन गार्डन, चामटीखेड़ा में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाडावत ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।


पूर्व विधायक जाडावत ने सीधे तौर पर विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि "मौजूदा जनप्रतिनिधि शहर का नहीं, बल्कि अपना और अपने व्यवसाय का विकास कर रहे हैं।"


जाडावत के तीखे हमले -

1. ढाई साल में विकास शून्य: जाडावत ने कहा कि बीजेपी सरकार के ढाई साल में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ, जबकि कांग्रेस राज में शहर और गांवों में रिकॉर्ड काम हुए।

2. भ्रष्टाचार के आरोप पर खुली चुनौती: उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ झूठे भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है। चुनौती देते हुए बोले- "अगर मेरी एक भी अवैध संपत्ति या भ्रष्टाचार का एक भी सबूत ला दो, तो मैं अपनी पूरी संपत्ति देने को तैयार हूं।"

3. 110 करोड़ के विकास का दावा: जाडावत ने बताया कि कांग्रेस सरकार में UIT के माध्यम से 108 से 110 करोड़ के काम हुए, जिसमें से 55-60 करोड़ रुपए अकेले चित्तौड़ शहर में खर्च हुए।

4. दुर्ग की बदहाली पर वार: चित्तौड़ दुर्ग को विश्व धरोहर बनाने की दिशा में कांग्रेस ने काम किया, लेकिन आज सूरजपोल से नीचे जाने वाली सड़क तक नहीं बन पा रही है। इससे पर्यटकों को परेशानी होती है और आपात स्थिति में एम्बुलेंस-फायर ब्रिगेड भी नहीं पहुंच सकती।


5. पेयजल, बजरी और जमीन पर घेराव: चंबल पेयजल योजना में देरी को लेकर भी सरकार को घेरा। साथ ही आरोप लगाया कि इस सरकार में बजरी के दाम कई गुना बढ़ गए हैं, आम आदमी का मकान बनाना मुश्किल हो गया है। विकास परियोजनाओं की जानकारी पहले ही चुनिंदा लोगों को देकर आसपास की जमीनें खरीदने का खेल चल रहा है।


अंत में जाडावत ने कहा कि चुनाव डर और दबाव से नहीं, जनता के विश्वास से जीता जाता है और इस बार जनता विकास के नाम पर वोट करेगी।

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