जिंदगी और मौत के साये में नौनिहालों का भविष्य: क्या किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठी है शिक्षा विभाग की भ्रष्ट व्यवस्था?

 


​ अलवर 

​अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव गून्दपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा काला अध्याय लिखा जा रहा है।

यहां शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्कूल की इमारत बच्चों के लिए ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि मौत का कुआं बनती जा रही है।


गौरतलब रहे की ​अभी इस स्कूल में पुराने कमरों का मरम्मत निर्माण कार्य को छ: महीने भी नहीं हुए और निर्माण में बरती गई खुलेआम लूट की पोल खुल चुकी है।

 भवन की दीवारों ने अभी से दम तोड़ना शुरू कर दिया है—चारों तरफ भयानक सीलन पसरी हुई है और गहरी दरारें चीख-चीखकर कह रही हैं कि यह इमारत कभी भी धराशायी हो सकती है। यह घटिया निर्माण सीधे तौर पर मासूम बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगा रहा है।

​हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और नुमाइंदे इस गंभीर खतरे को अपनी आंखों से देखने के बाद भी गहरी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं और किसी बड़ी अनहोनी के घटित होने का इंतजार कर रहे हैं।

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