जिला -प्रतापगढ
तहसील-छोटीसादडी
रिपोर्टर -प्रहलाद जणवा
मंगलवार को भारतीय किसान संघ का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कर्तव्य भवन नई दिल्ली में मिला और अफीम किसानों को आ रही समस्याओं से अवगत कराकर समाधान करने का मांग पत्र सौंपा।
वार्ता में शामिल प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सोहन लाल आंजना ने बताया कि भारतीय किसान संघ ने किसानों के लिए पिछले वर्षों में कई बार वित्तमंत्री से वार्ता की है जिनके सुखद परिणाम भी किसानों को मिले हैं और फिर एक बार नई अफीम नीति 2026-27 के आने से ठीक पहले किसान हित में नीति बने इसके लिए नीति घोषित होने से पूर्व वित्तमंत्री से भारतीय किसान संघ ने वार्ता के लिए समय मांगा और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को अफीम किसानों की मांगों पर वार्ता हेतु भारतीय किसान संघ अफीम आयाम के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के रूप में किसान संघ के प्रदेश अफीम आयाम प्रमुख बद्रीलाल जाट भीलवाड़ा, प्रदेश राजस्व प्रमुख शिवराज पुरी बूंदी, प्रांत जैविक प्रमुख गोपाल लाल खटवड़ प्रतापगढ़, किसान गीतालाल धाकड़ बांगेड़ा घाटा और किसान सोहन लाल आंजना को दिल्ली बुलाकर वार्ता की जिसके अच्छे परिणाम किसानों को मिलेंगे।
*वार्ता से पहले किसान संघ के संगठन मंत्री से हुई प्रतिनिधिमंडल की लंबी मंत्रणा*
वार्ता से पूर्व प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी से संगठन के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय पर अफीम किसानों के लिए पूर्व में कई बार हुई मंत्रालय के साथ वार्ता के बिंदुओं पर समीक्षा की वहीं अब आगे होने वाली वार्ता के बिंदुओं पर विस्तार से मंथन किया और समाधान के लिए सुझाव तैयार किए उसके बाद प्रतिनिधिमंडल के रूप में वित्तमंत्री से वार्ता के लिए कर्तव्य भवन जाना तय हुआ।
*वित्तमंत्री से हुई वार्ता के प्रमुख बिंदु*
1. 1990 से आज तक विभाग अथवा किसान के पास उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार समस्त कटे हुए पट्टे जारी किए जावें।
2. अफीम का न्यूनतम मूल्य 10000 रू. प्रति किलो किया जावे।
3. मार्फिन की अनिवार्यता समाप्त कर वजन आधारित औसत को माना जावे क्योंकि मार्फिन पूर्णतया प्रकृति आधारित है अथवा 3.0 मार्फिन होने पर पट्टे जारी रखे जावें।
4. NDPS की धारा 8/18 में संशोधन एवं 8/29 को समाप्त किया जावे क्योंकि 8/29 धारा भ्रष्टाचार की जड़ है और इससे भोले-भाले किसानों को बिना वजह लूटा जाता है।
5. सभी को समान आरी के पट्टे जारी किए जावें, दो प्लॉट में पट्टा बोने की भी अनुमति पूर्व की भांति दी जावे।
6. CPS वाले किसानों को भी लुवाई चीराई के पट्टे दिए जायें।
7. कच्चा तौल पूर्णतया बंद किया जावे।
8. अफीम नीति प्रतिवर्ष के बजाय 5 वर्ष के लिए बनाई जावे।
9. डोडाचूरा को NDPS से हटाकर आबकारी विभाग में लिया जावे।
10. पट्टाधारी किसान के वृद्ध होने अथवा बीमार होने और विशेष परिस्थितियों में जीवित रहते हुए भी पट्टा उत्तराधिकारी के नाम नामांतरण की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जाने सहित अन्य कई समस्याओं के बिंदुओं पर भी प्रतिनिधिमंडल की विस्तार से वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से वार्ता हुई और अधिकांश बिंदुओं को किसान हित में नई नीति में शामिल करने की सहमति बनी।
अफीम व डोडा चूरा को सदियों से आयुर्वेदिक औषधि माना जाता रहा है अतः आजकल रासायनिक केमिकल से तैयार हो रहे MD जैसे प्राणघातक नशे पर सख्ती बरतते हुए कठोरतम कानून बनाए जावें और घातक नशीले पदार्थ MD, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शुगर पर और सख्त कानून बने वहीं घातक नशीले पदार्थों से सभी को बचाने के लिए डोडा चूरा को पूर्व की भांति एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में सेवन हेतु पुनः चालू किया जा सकता है।
वित्तमंत्री के साथ वार्ता के दौरान नारकोटिक्स आयुक्त दिनेश बिसेन एवं वित्त मंत्रालय के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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