तहसील - डूंगला
खबर लोकेशन - चिकारड़ा
रिपोर्टर - राजमल सोलंकी
चिकारड़ा । कस्बे के समीपवर्ती प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवरिया सेठ के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा और अनूठी आस्था का एक अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। बड़ली (प्रतापगढ़) से निकली पदयात्रियों की मंडली के साथ एक अनूठे भक्त गोकुल राम अपनी विशेष मन्नत (बोलमा) के तहत उल्टे पांव (पीछे की तरफ कदम बढ़ाते हुए) चलकर सांवरिया सेठ के दरबार पहुंचे। तीन दिवसीय इस कठिन पदयात्रा के दौरान जब यह जत्था चिकारड़ा पहुंचा, तो ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
कठिन साधना: मन्नत पूरी होने पर पीछे की ओर कदम बढ़ाकर नापी दूरी
बड़ली (प्रतापगढ़) निवासी भक्त गोकुल राम ने सांवरिया सेठ से कोई विशेष मन्नत मांगी थी। मनोकामना पूर्ण होने पर उन्होंने आम पदयात्रियों की तरह सामान्य चलने के बजाय 'उल्टे पांव' चलकर दरबार तक पहुंचने का संकल्प लिया। तीन दिनों की लगातार और बेहद कठिन यात्रा के दौरान वे अपनी पूरी मंडली के साथ इसी तरह पीछे की ओर कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ते रहे। उनके इस अदम्य विश्वास और अनूठी भक्ति को देखकर मार्ग में हर कोई नतमस्तक हो गया।
चिकारड़ा में दो दिवसीय निःशुल्क चाय-पानी व नाश्ते की व्यवस्था
पदयात्रियों के चिकारड़ा पहुंचने पर सुबह तड़के ही उनके लिए निःशुल्क चाय, पानी और अल्पाहार की माकूल व्यवस्था की गई। उल्लेखनीय है कि चिकारड़ा ग्रामवासियों द्वारा पदयात्रियों की सेवा का यह पुनीत कार्य विगत 5 वर्षों से निरंतर जारी है। इस बार भी दो दिवसीय सेवा शिविर लगाकर सभी श्रद्धालुओं का आत्मीय सत्कार किया गया और उनकी यात्रा को सुगम बनाया गया।
इन्होंने किया स्वागत और संभाली सेवा व्यवस्था:
इस पुनीत सेवा कार्य एवं स्वागत में चिकारड़ा के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसमें मुख्य रूप से पूर्व सरपंच बाबूलाल चौधरी , उदयलाल गर्ग,राकेश डांगी, प्रकाश प्रजापत, राजमल गुर्जर, भेरूलाल जी गुर्जर, मुकेश महाराज, महाराज, रमेश गुर्जर, अंकित मेनारिया, नीलेश मेनारिया और प्रकाश प्रजापत सहित कई ग्रामवासियों ने पूर्ण सहयोग देकर सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संपन्न कराईं।

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