*आवरी माता धाम में मनाई गई महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती, युवाओं को दिया स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का संदेश*
चित्तौड़गढ़
न्यूज आवरी माता
रिपोर्ट महेश टांक
बड़ी सादड़ी। मेवाड़ के प्रसिद्ध शक्तिपीठ आवरी माता धाम में मेवाड़ गौरव वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन प्रताप सेवा संस्थान आसावरा माताजी के तत्वावधान में दीप प्रज्ज्वलन एवं महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के संरक्षक मिट्ठूलाल रेबारी मुख्य अतिथि एवं डॉ. भंवर सिंह परिहार अध्यक्ष रहे। वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, बलिदान और स्वाभिमान की गाथा का उल्लेख करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि मिट्ठूलाल रेबारी ने कहा कि महाराणा प्रताप मेवाड़ की आन-बान-शान के प्रतीक हैं। उनका जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखते हुए अपने सम्मान और संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त सीबीईओ हेमंत कुमार जोशी, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह नेगड़िया एवं श्री चन्दा माता सत्संग सेवा परिषद के संयोजक प्रेम सिंह सिसोदिया विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
संस्थान के सचिव सोहनलाल सेन भानुजा ने वार्षिक आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करते हुए संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी तथा सभी से निरंतर सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष अनिल बाबेल, कोषाध्यक्ष प्रकाश टांक, मीडिया प्रभारी दिलीप सेन खोडीप, भोजनशाला प्रभारी प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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