भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ ब्लॉक स्थित जेतपुरा बांध की नहर के करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले पुनर्वास एवं मरम्मत कार्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता, विभागीय मॉनिटरिंग की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लगाए हैं।

 

लोकेशन: भीलवाड़ा
रिपोर्टर: प्रदीप वैष्णव   
   

ग्रामीणों का कहना है कि जल संसाधन विभाग द्वारा लगभग 10 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से चल रहे नहर मरम्मत कार्य में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। जैतपुर सिंचाई परियोजना समिति के अध्यक्ष राजकुमार सेठिया का आरोप है कि निर्माण कार्य केवल लीपापोती तक सीमित है, जिससे करोड़ों रुपये की परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    



ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर श्रमिकों, जिनमें महिला श्रमिक भी शामिल हैं, को हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा जूते जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। साथ ही यह आरोप भी लगाया गया कि मुख्य ठेकेदार की जगह अन्य फर्मों से पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य कराया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, तकनीकी गुणवत्ता परीक्षण और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।


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