जीला -प्रतापगढ
तहसील -छोटीसादडी
रिपोर्टर -प्रहलाद जणवा
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत पहचान के लिए 15 जुलाई से पांच दिवसीय विशेष अभियान
प्रतापगढ़, 14 जुलाई। जिले में हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत पहचान एवं सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 जुलाई से पांच दिवसीय विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सभी गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत एएनसी पंजीकरण, चार अनिवार्य एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान, नियमित ट्रैकिंग, एनीमिया की जांच तथा समय पर रेफरल सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले एमसीएचएन डे पर सभी गर्भवती महिलाओं की विशेष रूप से क्रॉस-चेकिंग की जाएगी। अभियान के लिए जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं सीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी फील्ड में अभियान की सघन मॉनिटरिंग करेंगे। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से भी विशेष दल जिले में अभियान की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करेगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को अभियान के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। इस अवसर पर मिशन निदेशक जोगाराम ने सभी फील्ड कार्मिकों को प्रत्येक गर्भवती महिला की अनिवार्य स्क्रीनिंग सुनिश्चित करते हुए अभियान को पूर्ण सफलता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लेबर रूम एवं ऑपरेशन थिएटर की तैयारियों, निर्धारित एसओपी एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी। जिन महिलाओं की पहचान हाई रिस्क प्रेगनेंसी के रूप में होगी, उनके लिए आवश्यकता पड़ने पर रेफरल संस्थान की पूर्व पहचान सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपात स्थिति में बिना समय गंवाए उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
यह जांचें होंगी अनिवार्य
अभियान के दौरान रक्तचाप (बीपी), ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, हेपेटाइटिस-बी, सिफलिस, यूरिन, एचआईवी, लंबाई एवं वजन सहित अन्य आवश्यक जांचें अनिवार्य रूप से की जाएंगी। साथ ही गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का डेटा तैयार कर उनकी नियमित निगरानी एवं समयबद्ध फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा।
जेएसवाई के तहत निःशुल्क सुविधाओं की दी जाएगी जानकारी
अभियान के दौरान जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) एवं जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इसके साथ ही 104 स्वास्थ्य परामर्श सेवा एवं 108 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा की जानकारी, उनके हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का उपयोग करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा।
यह विशेष अभियान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

إرسال تعليق