35 प्रतिभाओं व 170 भामाशाहों का सम्मान, परिवार परिचय ग्रंथ का हुआ विमोचन

 


महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती बोले— परिवार परिचय ग्रंथ समाज की एकता और संस्कारों का जीवंत दस्तावेज

कानोड़। श्री श्रीमाली ब्राह्मण समाज तड़बारा मेवाड़ संस्थान, चित्तौड़गढ़ द्वारा नानेश सभागार, नई बावड़ी (कानोड़) में आयोजित प्रथम प्रतिभा एवं भामाशाह सम्मान समारोह-2026, प्रथम परिवार परिचय ग्रंथ का विमोचन एवं प्रतिनिधि सभा मेवाड़ संस्थान उदयपुर सामाजिक समरसता, शिक्षा और संस्कारों का प्रेरणादायी आयोजन बन गया। समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां महालक्ष्मी के पूजन, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ। समारोह की अध्यक्षता तड़बारा संस्थान के अध्यक्ष मदनलाल व्यास ने की। मुख्य अतिथि दिग्विजय श्रीमाली अध्यक्ष श्री श्रीमाली समाज मेवाड़ संस्थान, उदयपुर रहे। विमोचन कर्ता श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती महाराज, अति विशिष्ट अतिथि महेंद्र कुमार दवे जिला एवं सत्र न्यायाधीश , विशिष्ट अतिथि सुरेशचंद्र श्रीमाली को-चेयरमैन, बार काउंसिल ऑफ इंडिया , भूपेंद्र कुमार श्रीमाली पूर्व उपाध्यक्ष अखिल भारतीय श्रीमाली समाज संस्था, विरेन्द्र कुमार व्यास विकास अधिकारी, संयोजक भगवती लाल श्रीमाली, अरविंद श्रीमाली सहित तड़बारा संस्थान के पदाधिकारियो सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

समारोह में समाज की 35 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। वहीं वर्ष 2017 में कानोड़ में आयोजित हुए प्रथम यज्ञोपवीत संस्कार कार्यक्रम के सहयोगी 170 भामाशाहों को समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के इतिहास, वंशावली और पारिवारिक जानकारी को समाहित करने वाले प्रथम परिवार परिचय ग्रंथ का संतों एवं अतिथियों के करकमलों से विधिवत विमोचन किया गया।

अपने प्रेरक उद्बोधन में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी हितेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि परिवार परिचय ग्रंथ केवल नामों का संकलन नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति, परंपरा, संस्कार और पीढ़ियों को जोड़ने वाला जीवंत दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में अपनी जड़ों, परिवारों और संस्कारों का संरक्षण होता है, वही समाज निरंतर प्रगति करता है। प्रतिभाओं और समाजहित में योगदान देने वाले भामाशाहों का सम्मान नई पीढ़ी को उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देता है तथा सेवा और संस्कार की परंपरा को मजबूत करता है।

महामंत्री उदय लाल श्रीमाली ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत उद्बोधन दिया। परिवार परिचय ग्रंथ के प्रधान संपादक प्रद्युम्न कुमार श्रीमाली ने ग्रंथ के बारे में जानकारी दी। मेवाड़ अध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली, तडबारा अध्यक्ष मदनलाल श्रीमाली, जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र कुमार दवे, भुपेंद्र श्रीमाली सहित मुख्य अतिथि एवं अन्य वक्ताओं ने भी समाज में शिक्षा, संगठन, सामाजिक समरसता और युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

समारोह के दौरान मेवाड़ संस्थान की प्रतिनिधि सभा भी आयोजित हुई, जिसमें संगठन की गतिविधियों, आगामी योजनाओं एवं समाजहित के विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम के अंत में संस्थान सहमंत्री अभिषेक श्रीमाली ने संत-महात्माओं, अतिथियों, भामाशाहों, प्रतिभाओं, कार्यकारिणी सदस्यों, स्वयंसेवकों एवं समाजबंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन को सफल बनाने में मिले सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

वृक्ष मित्र जाह्नवी त्रिवेदी नई बावड़ी कानोड़ ने कार्यक्रम में आने वाले 500 से अधिक समाजजनों को एक एक पौधा प्रदान कर अपने गांव ले जाकर लगाने के साथ ही उसकी सार-संभाल कर बड़ा करने की अपील की।  

कार्यक्रम का संचालन डा. नर्बदा शंकर श्रीमाली, प्रद्युम्न कुमार श्रीमाली ,अभिषेक श्रीमाली ने किया।

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