छोटी सादड़ी | हरिपुरा पंचायत के बंबोरा जागीर गांव में बारिश के बाद मुख्य मार्ग दलदल में तब्दील, ग्रामीणों ने सरपंच-सचिव पर लापरवाही के लगाए आरोप
प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी क्षेत्र की हरिपुरा पंचायत के बंबोरा जागीर गांव में पंचायत व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है। बारिश के बाद गांव का मुख्य मार्ग कीचड़ और गड्ढों से इस कदर भर गया है कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन जिम्मेदारों ने केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया।
ग्रामीणों के अनुसार बंबोरा जागीर का यह मार्ग गांव के स्कूल, सहकारी समिति, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। ऐसे में रोजाना सैकड़ों ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई जगह सड़क पर पानी भर जाने से हालात दलदल जैसे हो गए हैं। दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना हुआ है, जबकि छोटे बच्चों को जूते हाथ में लेकर कीचड़ पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है।
ग्रामीण श्यामलाल ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल है। बरसात के दिनों में गांव का यह रास्ता परेशानी का सबब बन जाता है, लेकिन पंचायत की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी को इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन न तो फोन उठाए जाते हैं और न ही मौके पर आकर स्थिति देखी जाती है।
ग्रामीणों के आरोप: घटिया निर्माण, फर्जी भुगतान और सफाई बजट में खेल
ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में जब भी सीसी रोड या अन्य निर्माण कार्य होते हैं, उनमें गुणवत्ता का अभाव रहता है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है और कमीशनखोरी का खेल चलता है। शिकायत करने पर प्रशासनिक अधिकारी भी केवल भरोसा दिलाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांव की साफ-सफाई के लिए हर महीने लाखों रुपए का बजट आता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गांव में नियमित सफाई तक नहीं होती। आरोप है कि कागजों में फर्जी भुगतान कर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया जाता है और टेंडर प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं बरती जाती।
गांव की ‘जीवनरेखा’ बना यह रास्ता, फिर भी प्रशासन बेपरवाह
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि पूरे गांव की जीवनरेखा है। इसी मार्ग से बच्चे स्कूल जाते हैं, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचते हैं और किसान सहकारी समिति तक आते-जाते हैं। इसके बावजूद पंचायत और प्रशासन की उदासीनता के चलते यह मार्ग लंबे समय से बदहाल पड़ा है।
बरसात शुरू होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। कीचड़ और गड्ढों के कारण कई बार राहगीर फिसल चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं करवाई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या बोले जिम्मेदार
ग्राम विकास अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि उक्त मार्ग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बजट मिलते ही पंचायत की ओर से सीसी रोड और दोनों तरफ नालियों का निर्माण कराया जाएगा।
वहीं सरपंच मदन मीणा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। बारिश के कारण जेसीबी मशीन नहीं चल पाई, लेकिन जल्द ही मार्ग का समतलीकरण कर ग्रामीणों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बंबोरा जागीर के इस मुख्य मार्ग की तत्काल मरम्मत करवाई जाए, ताकि स्कूली बच्चों को कीचड़ से होकर स्कूल जाने की मजबूरी से राहत मिल सके और गांववासियों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध हो सके।

إرسال تعليق