सात दिन तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद महिला की मौत, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम; पुलिस बोली- हर एंगल से हो रही जांच, रिपोर्ट के बाद हो सकते हैं अहम खुलासे
चित्तौड़गढ़। सदर थाना क्षेत्र के ओछड़ी स्थित तुलसी एन्क्लेव कॉलोनी में संदिग्ध विषाक्त सेवन के बाद उपचाराधीन महिला चंदा कीर की उदयपुर में सात दिन बाद मौत हो जाने से मामले ने नया मोड़ ले लिया है। महिला की मृत्यु के बाद पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं। मंगलवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान समाजजन एवं परिजन जिला चिकित्सालय पहुंचे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग की।
सदर थानाधिकारी प्रेम सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों एवं समाजजनों से समझाइश की। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई। पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश के साथ पूरे घटनाक्रम की गहन जांच में जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार, राशमी थाना क्षेत्र के सांखली निवासी सोनिया पुत्री मांगीलाल कीर ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि उसकी बड़ी बहन चंदा कीर ओछड़ी के समीप तुलसी एन्क्लेव कॉलोनी में किराये के मकान में रह रही थी। 18 जुलाई की दोपहर घोसीखेड़ी निवासी मदनलाल जाट, प्रहलाद जाट एवं भावना शर्मा उसके घर पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने पहले चंदा का मोबाइल स्विच ऑफ कराया, उसके साथ मारपीट की और बाद में जान से मारने की नीयत से उसे विषाक्त पदार्थ पिला दिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों के अनुसार, घटना के बाद आरोपी चंदा को पहले चित्तौड़गढ़ के बिरला अस्पताल और बाद में सांवलियाजी चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराने के बाद फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर चंदा की बहन सोनिया उसे उदयपुर के एक निजी अस्पताल ले गई, जहां कई दिनों तक वेंटिलेटर पर उपचार के दौरान सोमवार रात उसकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया वीडियो से चर्चा में आया मामला
चंदा की बहन सोनिया ने उदयपुर के निजी अस्पताल के बाहर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बहन की मौत की जानकारी दी थी। बाद में दूसरा वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि चंदा जीवित है, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर है। इसके बाद पुलिस टीम उदयपुर पहुंची, हालांकि उस समय चंदा बयान देने की स्थिति में नहीं थी। उपचार के दौरान अंततः उसकी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, हर पहलू की होगी जांच
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अत्यंत बारीकी से प्रत्येक पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विषाक्त पदार्थ दिए जाने, स्वयं विषाक्त सेवन करने, घटना के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका तथा आपसी विवाद सहित सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
बर्थडे पार्टी के बाद सामने आया विवाद
मृतका की बहन के बयान के अनुसार, घटना से पहले चंदा आरोपियों के साथ एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुई थी। पार्टी के बाद सभी लोग तुलसी एन्क्लेव स्थित उसके निवास पर पहुंचे, जहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद विषाक्त सेवन का मामला सामने आया। घटना के समय मकान में और कौन-कौन लोग मौजूद थे तथा वहां वास्तव में क्या हुआ, इसका खुलासा अभी जांच के बाद ही हो सकेगा।
जहर दिया गया या स्वयं किया सेवन, जांच के बाद होगा स्पष्ट
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चंदा को किसी ने विषाक्त पदार्थ पिलाया था या उसने स्वयं उसका सेवन किया। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी अब तक सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार घटना के समय मकान पर कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे और वहां पार्टी चल रही थी। ऐसे में नशे की स्थिति, आपसी विवाद या अन्य परिस्थितियों सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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