जीला -प्रतापगढ
तहसील -छोटीसादडी
रिपोर्टर -प्रहलाद जणवा
संभाग स्तर से यूसीसी प्रारूप समिति के सदस्य बसंत सिंह छाबा ने वीसी के माध्यम से की जनसुनवाई*
प्रतापगढ़, 13 जुलाई। राजस्थान समान नागरिकता संहिता, 2026 (The Rajasthan Uniform Civil, 2026) को लेकर यूसीसी प्रारूप समिति के माननीय सदस्य बसंत सिंह छाबा द्वारा उदयपुर संभाग मुख्यालय पर वीसी के माध्यम से जनसुनवाई आयोजित की गई।
जिला स्तर से वीसी के माध्यम से जिला कलक्टर शुभम चौधरी एवं एसपी बी आदित्य,अतिरिक्त जिला कलक्टर विजयेश कुमार पंड्या, एसीईओ धनदान देथा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक डॉ टी आर आमेटा, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक नेहा माथुर सहित यूसीसी जिला स्तरीय समिति के सदस्यों की उपस्थिति में जनप्रतिनिधि, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, प्रतिष्ठित शिक्षाविद, विधिवेत्ता, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने उपस्थित रहकर अपने सुझाव वीसी के माध्यम से दिए।
यूसीसी प्रारूप समिति के माननीय सदस्य बसंत सिंह छाबा ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सुझावों एवं अभिमतों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। समान नागरिक संहिता के विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए आमजन जनसुनवाई के साथ वेबसाइट https://ucc.rajasthan.gov.in के माध्यम से अपने बहुमूल्य सुझाव साझा कर सकते है।
इस दौरान बैठक में उपस्थितजनों ने समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव एवं विचार समिति के समक्ष रखे। जिला कांग्रेस कमेटी, प्रतापगढ़ के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि समान नागरिक संहिता के प्रारूप को अंतिम रूप देने से पूर्व व्यापक जनपरामर्श किया जाए तथा प्राप्त सुझावों का समुचित परीक्षण कर समाज के सभी वर्गों की भावनाओं एवं हितों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाती है, तो वह सभी पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।
भारत आदिवासी पार्टी के प्रतिनिधियों ने समान नागरिक संहिता पर सहमति व्यक्त नहीं करते हुए सुझाव दिया कि इस विषय पर विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समुदाय सहित सभी वर्गों के साथ व्यापक स्तर पर संवाद एवं विचार-विमर्श किया जाए। उन्होंने जनजाति समुदाय के संवैधानिक एवं पारंपरिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों से चर्चा के उपरांत ही यूसीसी प्रारूप तैयार किए जाने का सुझाव दिया।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, प्रतापगढ़ के छात्र-छात्राओं एवं एनसीसी कैडेट्स ने सुझाव दिया कि विभिन्न वैवाहिक प्रथाओं एवं पारिवारिक संबंधों से जुड़े विषयों पर विधिक प्रावधानों को और अधिक स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाया जाए। साथ ही अंतरधार्मिक और लिव-इन संबंधों के पंजीकरण, ऐसे संबंधों के समाप्त होने की स्थिति में उत्पन्न होने वाले सामाजिक एवं कानूनी पहलुओं तथा संबंधित अधिकारों एवं दायित्वों के संबंध में भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने का सुझाव दिया।
14 जुलाई को 10 बजे से होगी जनसुनवाई
प्रतापगढ़ सहित संभाग के सभी जिलों के लिए जनसुनवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 14 जुलाई को प्रात: 10 बजे से डीओआईटी के वीसी कक्ष में संभाग स्तर से होगी। इस दौरान संभाग के अन्य जिले भी जुड़ेंगे।

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