ऑटोक्लेव मशीने खराब होने से जिला चिकित्सालय में सर्जरी के लिए आ रही परेशानी

 


जिला चित्तौड़गढ़ 

तहसील निंबाहेड़ा 

रिपोर्टर/पप्पु देतवाल 

निंबाहेड़ा। जिला चिकित्सालय निंबाहेड़ा में उपचार के लिए काम में आने वाली सभी 6 आटोक्लेव  मशीनों में तकनीकी खराबी के चलते चिकित्सकों को रोगियों  की सर्जरी जैसे उपचार करने में परेशानी आ रही है। क्योंकि इन मशीनों से उच्च दबाव और भाप (प्रेशर और स्टीम) का उपयोग करके चिकित्सा उपकरणों जेसे सर्जरी टूल्स, प्रयोगशाला के बर्तनों और जैविक कचरे को पूरी तरह कीटाणुमुक्त (स्टेरिलाइज) किया जाता है ये मशीने बैक्टीरिया, वायरस, कवक और उनके बीजाणुओं (स्पोर्स) को नष्ट करती है।  मशीनों में तकनीकी खराबी होने से आंखों सहित अन्य सर्जरी मैं बाधा उत्पन्न हो रही है 




क्योंकि इन मशीनों के अभाव में रोगियों की विभिन्न सर्जरी नहीं की जा सकती। जिला चिकित्सालय प्रमुख चिकित्साधिकारी से मिली जानकारी अनुसार राज्य सरकार की एजेंसी राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निविदा के जरिए इन मशीनों की चिकित्सालयों में आपूर्ति कराई गई थी तथा ये मशीने अभी वारंटी अवधि में है इसके चलते इनकी मरम्मत के लिए कंपनी का इंजीनियर बाहर से आता है। उन्होंने बताया की वारंटी अवधि में होने के कारण अन्य जगह इनकी मरम्मत भी नहीं कराई जा सकती हालांकि उनके द्वारा इनकी मरम्मत के लिए शिकायत भेजी हुई है लेकिन कंपनी की सुविधा अनुसार ही मरम्मत हेतु इंजीनियर आता है पहले भी इन मशीनों में खराबी आई थी। अब यहां यह बताना नितांत आवश्यक कि जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु आने वाले रोगियों की संख्या को देखते हुए वर्तमान में मौजूद ऑटोक्लेव मशीने क्षमता अनुसार सही नहीं है। यहां पर अब उच्च क्षमता वाली वर्टिकल आटोक्लेव मशीनों की जरूरत है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस मामले को आरएमएस की मीटिंग में भी रखा जाएगा लेकिन फिलहाल तो इनसे परेशानी उत्पन्न हो रही है।

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