चित्तौड़गढ़ में आशा सहयोगिनी यूनियन ने उठाई 10 सूत्रीय मांगें

 


चित्तौडगढ 

प्रवीण दवे 

आशा सहयोगिनी ने भजनलाल सरकार को चेतावनी दी हमारी मांग पूरी नही होने पर वोट का बहिष्कार करेगे


चित्तौड़गढ़। राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, जिला कमेटी चित्तौड़गढ़ की ओर से आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने सहित कई मांगें रखी गई हैं।

ज्ञापन में केंद्र सरकार द्वारा 2025 में घोषित 1500 रुपये की मानदेय बढ़ोतरी तत्काल लागू करने, आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा मिलने तक 26 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने की मांग की गई।

इसके साथ ही मातृत्व एवं चिकित्सा अवकाश, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने और वेतन को महंगाई भत्ते से जोड़ने की मांग की गई।

यूनियन ने हड़ताल अवधि में काटे गए मानदेय की बहाली, आशा कार्यकर्ता एवं उनके परिजनों के बेहतर उपचार के लिए आयुष्मान भारत के तहत व्यवस्था, सेवानिवृत्ति पर 3 लाख रुपये देने तथा फील्ड कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को 5 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की मांग रखी।

ज्ञापन में अक्टूबर माह से लंबित PCTS भुगतान सुनिश्चित करने, ऑनलाइन कार्य के लिए नया मोबाइल व डेटा उपलब्ध कराने, ऑनलाइन कार्य का इंसेंटिव देने तथा अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए निर्धारित स्थान तय करने की मांग भी शामिल है।


यूनियन ने प्रशासन से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।

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