लोकशन/मंडला
संवाददाता/जितेंद्र कुमार भलावी
स्कूल की छत में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लगातार बारिश के कारण भवन की स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई है।
जानकारी के अनुसार बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय की कक्षाएं गांव के लोगों के घरों में संचालित की जा रही हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की छत कभी भी भरभराकर गिर सकती है, जिससे मासूम बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में उन्होंने भवन का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर नए स्कूल भवन के निर्माण या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दो वर्षों से स्कूल भवन जर्जर है, तो जिम्मेदार विभाग अब तक क्यों मौन है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? फिलहाल ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है।
إرسال تعليق