विद्या निकेतन की बहिनों ने पुलिस थाना पहुँचकर मनाया रक्षाबंधन पर्व

 


जिला -प्रतापगढ

तहसील-छोटीसादडी

रिपोटर-प्रहलाद जणवा

छोटी सादड़ी। विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, छोटी सादड़ी की कक्षा 12वीं की बहिनों द्वारा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर स्थानीय पुलिस थाने पहुँचकर पुलिसकर्मियों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बाँधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। इस अवसर पर बहिनों ने पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए समाज की सुरक्षा में उनके योगदान को सराहा।


कार्यक्रम के दौरान बहिनों ने थानाधिकारी श्री कैलाशचंद्र जी सोनी सहित थाने में उपस्थित पुलिसकर्मियों को रक्षा-सूत्र बाँधा। थानाधिकारी श्री सोनी ने विद्यालय की बहिनों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी का मुँह मीठा कराया तथा रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बहिनों को आश्वस्त किया कि पुलिस सदैव उनकी सुरक्षा एवं सहायता के लिए तत्पर रहेगी।


इस अवसर पर थाने में उपस्थित श्री देवेंद्र सिंह जी, श्री महेश जी गुर्जर, हेड कॉन्स्टेबल श्री नरपत सिंह जी, श्री शंभुसिंह जी मेड़तिया, श्री राजकुमार जी, श्री कमल जी, श्री धुलेश्वर जी, एएसआई एवं बॉडीगार्ड सहित अन्य पुलिसकर्मियों को भी कक्षा 12वीं की बहिनों द्वारा रक्षा-सूत्र बाँधे गए।


विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री दिनेश चंद्र बैरागी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहिन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास, सम्मान एवं आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, ऐसे में उनके साथ रक्षाबंधन मनाना बहिनों के लिए एक भावनात्मक एवं प्रेरणादायी अनुभव है।


बालिका भाग की प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु व्यास ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का रक्षा-सूत्र प्रेम और विश्वास का प्रतीक है तथा हमें समाज में एक-दूसरे की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा देता है।


इस अवसर पर आचार्या सुश्री रानू इंदौरा एवं श्रीमती अंजना सोनी भी उपस्थित रहीं। विद्यालय की बहिनों एवं पुलिसकर्मियों के बीच हुए इस आत्मीय संवाद से थाने का वातावरण भी सौहार्द एवं अपनत्व से भर गया।


विद्यालय द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस थाने में आयोजित यह पहल विद्यार्थियों के मन में देश, समाज और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का भाव विकसित करने वाली रही


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