लोकेशन— भीलवाड़ा | रिपोर्टर—प्रदीप वैष्णव
सड़क निर्माण कार्य अभी आधा-अधूरा ही है, लेकिन सड़क पर जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों की प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने से गुणवत्ता के साथ समझौता किया जा रहा है। सड़क पर समय से पहले आई दरारों को लेकर ग्रामीणों में रोष है और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
वहीं, खास बात यह है कि सड़क निर्माण कार्य की कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 25 अगस्त 2026 थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा निकल जाने के बाद भी कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता दोनों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह कार्य डीएमएफटी योजना के तहत सार्वजनिक निर्माण विभाग खंड मांडलगढ़ की कार्यकारी एजेंसी के रूप में स्वीकृत है। कार्य के तहत हरि सिंहजी का खेड़ा से थल कला तक करीब 4.500 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाना है। कार्यादेश की राशि करीब 1 करोड़ 86 लाख 23 हजार 16 रुपये बताई गई है।
कार्य प्रारंभ करने की तिथि 26 मार्च 2026 निर्धारित थी और कार्य पूर्ण करने की तिथि 25 अगस्त 2026 थी। निर्माण कार्य का ठेका चौहान कंस्ट्रक्शन को दिया गया है।
अब सवाल यह है कि जब कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ और सड़क में दरारें सामने आने लगी हैं, तो निर्माण सामग्री और गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? विभागीय अधिकारियों की मॉनिटरिंग कितनी प्रभावी रही? और निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी कार्य अधूरा क्यों है?
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