पाइप लाइन के गड्ढे में धसी भैंसों से भरी पिकअप , धूल भरी आधियों के साथ गौरव पथ सड़क मार्ग की बदसूरत हालत।

 

जिला - चितौड़गढ़ 

तहसील - डूंगला 

खबर लोकेशन - चिकारड़ा 

रिपोर्टर - राजमल सोलंकी 


चिकारड़ा। जलदाय विभाग की लचर कार्यप्रणाली और विभागीय उदासीनता का खामियाजा इन दिनों अकोलागढ़ मार्ग के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। नीम चौक से कई वर्षों की पुरानी जर्जर पेयजल पाइपलाइन को बदलने का काम राहत भरा हुआ ही था कि बारिश के चलते लाइन पर मिट्टी डाल दी गयी थी ताकि मिट्टी के अच्छे से दबने के बाद ही गिट्टी सीमेंट की जाए,लेकिन अब इस मार्ग में सभी के घरों में पाइप लाइन की सप्लाई के लिए कनेक्शन दिए जा रहे है,जिससे अभी तक गिट्टी सीमेंट नहीं की गई है इसके चलते एक पिकअप कस्बे के समीपवर्ती तरजेला के व्यापारीयो की पिकअप जिसमें 2 भैंसे भरी हुई थी ज्यादा भारी वजन होने के चलते पिकअप उस मिट्टी में धस गई इसके चलते जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया जलदाय विभाग के द्वारा पाइपलाइन के डालने के बाद भी गिट्टी सीमेंट समय के साथ करने से ये आए दिन इस मार्ग पर होने वाले हादसे रुक सकते थे,लेकिन जलदाय विभाग की लापरवाही से आए दिन इसी तरह के हादसे दस्तक दे रहे हे जबकि उसी मार्ग पर ग्राम पंचायत का कार्यालय हे, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भी इसी मार्ग पर है इस मार्ग पर ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता इसके चलते मार्ग में इन हादसों की वजह से राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है,साथ ही दुपहिया चौपहिया वाहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसके चलते बारिश थमी हुई होने से वो मिट्टी घरों तक उड़ के पहुंच रही है इस मार्ग में रहने वाली गृहणियां काफी परेशानियों में है क्योंकि दिन में साफ सफाई होने के बाद में सारा घर का कार्य निवृत आराम मिलता था, लेकिन इस मार्ग की ऐसी स्थिति से दिन में 20 बार झाड़ू हाथ में हाथ में ही रहने लगा है,क्योंकि लाखों रूपये की लागत से निर्मित गौरव पथ मार्ग इस स्थिति में दिखाई दे रहा है,जो कस्बे का सबसे अच्छा सुव्यवस्थित साफ सुधरा सड़क मार्ग था जो आज धुल की आधियों के साथ लोगों को जीवन यापन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है । वरिष्ठ नागरिकों को इस धूल से भरी आधियों से खांसी, श्वास की भारी दिक्कत होने लगी है।

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