चितौडगढ से प्रवीण दवे की रिपोर्ट
भादसोड़ा चौराहे पर
संत भूत गिरीजी महाराज को चादर ओढ़ाकर दी मेवाड़ मंडलेश्वर की उपाधि, शोभायात्रा-यज्ञ के बाद हुआ संत समागम; 35 गांवों से पहुंचे श्रद्धालु
ओम शांति आश्रम में महंत भूत गिरीजी महाराज की 84 दिन की कठोर खड़ेश्वरी तपस्या पूर्ण होने पर सोमवार को भव्य संत समागम हुआ। राजस्थान सहित अन्य राज्यों से पहुंचे करीब 300 से 400 संतों की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान हुए। संतों ने भूत गिरीजी महाराज को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया और उन्हें उदयपुर मंडल के मेवाड़ मंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की।
आयोजन की शुरुआत विशाल शोभायात्रा से हुई। इसके बाद पंडित आचार्य आशुतोष दाधीच के निर्देशन में अनुष्ठान, यज्ञ एवं हवन हुआ। उपाचार्य पंडित विष्णु शंकर दाधीच, बागुण्ड ने मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। सट दर्शन मंडल की ओर से चादर की रस्म निभाई गई।
समारोह में अष्ट कौशल महंत श्री सत्य चेतनपुरीजी महाराज, महंत श्री दिगंबर खुशाल भारतीजी महाराज, महंत श्री दिगंबर राजपूरीजी महाराज, महंत श्री प्रकाश भारतीजी महाराज, महंत योगी श्री हरिनाथजी महाराज, महंत श्री ओमपुरीजी महाराज, महंत श्री गोपालपुरीजी महाराज, महंत योगी श्री मगननाथजी महाराज एवं महंत श्री चेतनानंदजी महाराज का संत सानिध्य रहा।
महिला मंडल ने किया संकीर्तन
कस्बे के महिला मंडल ने आश्रम में संकीर्तन किया। भजनों से आश्रम परिसर भक्तिमय हो गया। भादसोड़ा-बागुण्ड़ सहित आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
35 गांवों को दिया था निमंत्रण
आयोजन के तहत भोजन प्रसादी के लिए 35 गांवों को निमंत्रण दिया गया था। निमंत्रण पर विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और प्रसादी ग्रहण की। इससे आश्रम परिसर में दिनभर धार्मिक उत्सव जैसा माहौल रहा।
समापन पर सभी संतों को चादर भेंट कर दक्षिणा प्रदान की गई और सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। संतों एवं श्रद्धालुओं के लिए विशाल प्रसादी का आयोजन भी हुआ। सीताराम चौधरी मोतीलाल चौधरी शायमलाल टेलर गंगाराम माली ,अनिल जोशी एवं भक्तों ने बताया कि 84 दिन की तपस्या पूर्ण होने के अवसर पर हुए आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया। इस कार्यक्रम में महंत के माता-पिता भाई-बहन बड़ी मम्मी सभी इस कार्यक्रम में शामिल हुए

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