जिला चित्तौड़गढ़
तहसील निंबाहेड़ा
रिपोर्टर—पप्पु देतवाल
*मरीजों की बढ़ी परेशानी, अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल आखिर जिम्मेदार कौन?*
निंबाहेड़ा। जिला चिकित्सालय में एक बार फिर लैब सेवाएं प्रभावित होने का मामला सामने आया। लैब कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के चलते कुछ समय के लिए मरीजों की जांच एवं सैंपल कलेक्शन का कार्य बंद हो गया। इससे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मरीजों का कहना था कि डॉक्टर द्वारा जांच लिखे जाने के बाद जब वे सैंपल देने के लिए लैब पहुंचे तो वहां सेवाएं बंद मिलीं। ऐसे में मरीजों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई। खासकर ऐसे मरीज जिन्हें तत्काल जांच की आवश्यकता थी, उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
मरीजों ने उठाया सवाल—जब जांच बंद थी तो डॉक्टर जांच क्यों लिख रहे थे?
G94 न्यूज़ के रिपोर्टर के जिला चिकित्सालय पहुंचने पर मरीजों से बातचीत की गई। मरीजों ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अस्पताल की जांच एवं सैंपलिंग सेवा बंद है, तो डॉक्टरों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है? मरीजों को जांच लिखे जाने के बाद लैब तक भेजने से पहले व्यवस्था की जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए।
रिपोर्टर के पहुंचने के बाद शुरू हुई जांच
मामले की जानकारी मिलने पर G94 न्यूज़ के रिपोर्टर द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली गई। इसके बाद लैब इंचार्ज द्वारा कर्मचारियों से बातचीत की गई। बताया गया कि कर्मचारियों की शर्तों को मान लिए जाने के बाद लैब में जांच एवं सैंपलिंग का कार्य पुनः शुरू कर दिया गया।
अब सवाल यह है कि अस्पताल में ऐसी स्थिति बार-बार क्यों बन रही है? यदि कर्मचारियों की समस्याओं के कारण लैब सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा पहले से वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की जाती? मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्ट जवाब की आवश्यकता है।
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