जिला -प्रतापगढ
तहसील-छोटीसादडी
रिपोटर-प्रहलाद जणवा
*छोटी सादड़ी*। नगर के ऐतिहासिक श्री चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर से जलझूलनी एकादशी (जलझूलनी ग्यारस) के पावन अवसर पर प्रभु श्री चारभुजा नाथ की विशाल और भव्य रथ यात्रा श्रद्धा व उल्लास के साथ निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया। मंदिर समिति द्वारा क्षेत्रवासियों से इस भव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पधारने की विशेष अपील की गई थी, जिसके सम्मान में हजारों की तादाद में जनसैलाब उमड़ पड़ा।रथ यात्रा का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे श्री चारभुजा नाथ बड़ा मंदिर से हुआ। भगवान चारभुजा नाथ को विशेष शृंगार के साथ भव्य रथ में विराजमान किया गया। जैसे ही प्रभु का रथ मंदिर परिसर से बाहर आया, पूरा परिसर "जय श्री चारभुजा नाथ" और "प्रभु श्री चारभुजा नाथ की जय" के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।अन्य मंदिरों के बेवाण और अखाड़ा रहा आकर्षण का केंद्रइस भव्य रथ यात्रा की खास बात यह रही कि इसमें नगर के अन्य मंदिरों से आए ठाकुर जी के पवित्र बेवाण भी शामिल हुए। एक साथ कई बेवाणों के नगर भ्रमण से पूरा दृश्य अलौकिक प्रतीत हो रहा था। इसके साथ ही यात्रा में शौर्य और कला प्रदर्शन करता अखाड़ा भी साथ-साथ चलता रहा। अखाड़े के जाबांज कलाकारों ने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज पारंपरिक करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ जमा रही।देर रात तक चला उत्सव, सरवर पर हुआ स्नाननगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह रथ यात्रा रात्रि 12:00 बजे तक अनवरत चलती रही। यात्रा के दौरान ठाकुर जी का रथ पवित्र सरवर (जलाशय) पर पहुँचा, जहाँ परंपरा अनुसार ठाकुर जी ने सरवर पर जाकर स्नान किया। इसके बाद वहाँ उपस्थित हजारों भक्तों की मौजूदगी में भगवान की भव्य महाआरती उतारी गई। महाआरती के बाद प्रभु पुनः रथ में विराजमान होकर अपने निज मंदिर पहुँचे, जहाँ यात्रा का भव्य समापन हुआ।यात्रा के दौरान जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पलक-पावड़े बिछाकर ठाकुर जी का भव्य स्वागत किया गया। भक्ति संगीत और भजनों की धुनों पर झूमते-नाचते श्रद्धालुओं से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। इस भव्य और सफल आयोजन के बाद मंदिर समिति ने कार्यक्रम में पधारे सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों का दिल से धन्यवाद व्यक्त किया।
Post a Comment