*निम्बाहेड़ा प्रतापगढ़ रूट पर 'राजधानी' बस में ओवरलोडिंग का भयावह मंजर*



जिला चित्तौड़गढ़ 

तहसील निंबाहेड़ा 

रिपोर्टर पप्पु देतवाल 


*जान हथेली पर रखकर छत पर सफर करने को मजबूर महिलाएं-बच्चे*



निम्बाहेड़ा से प्रतापगढ़ मार्ग पर यात्री बसों में ओवरलोडिंग और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है।

वायरल तस्वीरों में *राजधानी नामक निजी बस* की छत पर 15-20 से अधिक यात्री बैठे हुए स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। अंदर बस पूरी तरह से खचाखच भरी होने के कारण यात्रियों को मजबूरी में छत पर बैठकर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।


मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 123 के अनुसार बस की छत पर यात्री बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा करने से चालक और परिचालक के लाइसेंस तो  निरस्त हो सकते है बल्कि बस का परमिट भी रद्द किया जा सकता है। हादसे की स्थिति में छत पर बैठे यात्रियों का बीमा भी मान्य नहीं होता।

तो क्या डीटीओ आरटीओ की  टीम को इस रूट पर चल रही इस खुली ओवरलोडिंग की जानकारी नहीं है या उनकी सहमती से चल रही है ?


 प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों की आवाजाही वाले इस मुख्य मार्ग पर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती है?


इन बसों की फिटनेस और परमिट चेकिंग केवल कागजों में ही क्यों हो रही है?


शाम / रात के समय बस स्टैंड पर नारंगी-सफेद रंग की बस, बस के अंदर तो खचाखच भरी ही है, *छत पर कम से कम 30-35 लोग* बैठे हैं। लोग सीढ़ी लगाकर नहीं, बस की खिड़कियों और बॉडी पकड़कर छत पर चढ़ रहे हैं। नीचे भी बैग वाले छात्र / मजदूर जैसे यात्री धक्का-मुक्की में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। कोई पुलिस, कोई परिवहन कर्मचारी रोकने वाला नहीं। एक बड़ा हादसा होने का सीधा इंतजार है।


स्थानीय यात्रियों ने जिला कलेक्टर चित्तौड़गढ़ और RTO चित्तौड़गढ़ से मांग की है कि वायरल फोटो में दिख रही बस को तत्काल जब्त कर MV एक्ट में कार्रवाई की जाए और निंबाहेड़ा-प्रतापगढ़, निंबाहेड़ा-उदयपुर रूट पर ओवरलोडिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post