भीलवाड़ा राजस्थान
संवाददाता-गोविंद पायक
इस पद पर किसी भी जाति-वर्ग का निर्वाचित जिला परिषद सदस्य पुरुष या महिला चुनाव लड़ सकेगा। राज्य सरकार के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर जसमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे से आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान जिला परिषद के 45 वार्डों और 16 पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए आरक्षण तय किया गया।
लॉटरी के अनुसार कोटड़ी, मांडलगढ़ और रायपुर में प्रधान पद अनारक्षित यानी सामान्य वर्ग के लिए रहा। जहाजपुर, सहाड़ा, शाहपुरा, सुवाणा और मांडल में अनारक्षित महिला प्रधान बनेगी। फूलिया कलां में एससी महिला, शंभूगढ़ और बिजौलियां में एससी, खजूरी में एसटी महिला, बनेड़ा में एसटी, करेड़ा में ओबीसी महिला, आसींद में ओबीसी तथा हुरड़ा में ओबीसी वर्ग का प्रधान बनेगा। 16 पंचायत समितियों के प्रधान पदों में 3 ओबीसी, 3 एससी और 2 एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 8 पद यानी 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। आरक्षण प्रक्रिया के दौरान ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अब सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण लॉटरी 24 सितंबर को संबंधित एसडीएम कार्यालयों में निकाली जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी जसमीत सिंह संधू ने कहा कि निर्देशों के अनुसार जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सभी के सामने और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार संपन्न कराई गई। प्रक्रिया में सबसे पहले जिला परिषद सदस्य, इसके बाद पंचायत समिति सदस्य और फिर प्रधान पदों के लिए आरक्षण लॉटरी निकाली गई। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए नए चक्र के अनुसार आरक्षण किया गया, जबकि प्रधान पदों के लिए वर्तमान चक्रानुक्रम को ध्यान में रखते हुए आगे का आरक्षण तय किया गया। राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार नियमानुसार पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई है।
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