घायल नंदी महाराज का साथ छोड़ने को तैयार नहीं थे साथी नंदी, हाईवे तक दौड़कर निभाया साथ


 जिला - चितौड़गढ़ 

तहसील - डूंगला 

 लोकेशन - चिकारड़ा 

रिपोर्टर - राजमल सोलंकी 

 बेजुबानों ने इंसानों को सिखाया प्यार, दोस्ती और साथ निभाने का अनमोल सबक

चिकारड़ा।। कस्बे के समीपवर्ती मलुकदासखेडी गाँव, उदयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर, से उदयपुर एनिमल प्रोटेक्शन सोसायटी को एक छोटे घायल नंदी महाराज की सूचना मिली। एक्सीडेंट में उनका एक पैर टूट गया था। सूचना मिलते ही संस्था की टीम के कैलाश भोई और मांगीलाल भोई मौके पर पहुँचे और घायल नंदी महाराज को उपचार के लिए उदयपुर लाने की व्यवस्था की।मौके पर टीम ने एक बेहद भावुक दृश्य देखा। एक अन्य छोटे नंदी महाराज घायल नंदी महाराज के पास बैठे थे और उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं थे। जब घायल नंदी महाराज को लोडिंग ऑटो में उदयपुर लाया जाने लगा, तो दूसरे नंदी महाराज भी उनके पीछे-पीछे हाईवे तक दौड़ते हुए आए।अपने साथी के लिए नंदी महाराज का यह प्रेम और अपनापन देखकर टीम भावुक हो गई। आखिरकार, संस्था की टीम ने दूसरे नंदी महाराज को भी अपने साथ उदयपुर लाने का फैसला किया।

इस पूरे रेस्क्यू में मलुकदासखेडी से प्रकाश जाट ने बताया कि गाँव के शंकरलाल जाट, कालूराम जाट, नानाजाट और राजू जाट ने दो दिन तक इस बछड़े का ईलाज  करवाया और उदयपुर  संपर्क कर महत्वपूर्ण सहयोग किया। संस्था ने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।इस भावुक घटना पर उदयपुर एनिमल प्रोटेक्शन सोसायटी की डॉ. माला मट्ठा ने कहा, “भगवान शिव के वाहन नंदी महाराज से हमें प्यार, दोस्ती और अपने साथी का साथ कभी न छोड़ने की सीख लेनी चाहिए। जिन्हें हम बेजुबान कहते हैं, आज उन्होंने इंसानों को रिश्ते निभाने का अनमोल सबक दिया है।बेजुबानों ने आज फिर एहसास कराया—सच्चा प्यार शब्दों का नहीं, साथ निभाने का नाम है।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post