अलवर
अलवर नगर निगम चुनाव और उसके बाद मचे राजनीतिक घमासान ने तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कांग्रेस के जीते हुए पार्षदों के साथ खुद एसपी ऑफिस पहुंचे और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि पुलिस और प्रशासन ने भाजपा के एजेंट की तरह काम करना बंद नहीं किया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता इस सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।
"पुलिस बदमाशों को छोड़, पार्षदों को उठाने में जुटी"
मीडिया से मुखातिब होते हुए टीकाराम जूली ने गंभीर आरोप लगाया कि अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 की प्रत्याशी को मालाखेड़ा और नौगावां पुलिस के थानाधिकारियों ने जबरन गाड़ी में बैठाया। उन्होंने तंज कसा कि अलवर जिले की पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने के बजाय पार्षदों को पकड़ने का गंदा खेल खेल रही है। उन्होंने डीजी से तत्काल प्रभाव से ऐसे दोषी थानाधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है। जीते हुए पार्षदों को साथ लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे जूली ने चुनौती देते हुए कहा, "गुंडागर्दी से पार्षदों को उठाने की कोई जरूरत नहीं है, अगर तुम्हें बोर्ड बनाने की इतनी ही लालसा है, तो लो जाइए— हम खुद पार्षदों को सौंपने आए हैं।"
सत्ता पक्ष पर तानाशाही और ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार पहले चुनाव कराना ही नहीं चाहती थी, लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट का कड़ा फैसला आया, तब परिसीमन की आड़ में मतदाताओं को बुरी तरह गुमराह किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों मंत्रियों ने मिलकर पूरी तानाशाही दिखाई और ईवीएम के साथ वीवीपैट न लगाकर गड़बड़ करने की साजिश रची, लेकिन इसके बावजूद जनता ने पूर्ण बहुमत न देकर इन्हें सिरे से नकार दिया है।
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