निंबाहेड़ा। ईमानदारी आज भी समाज में जीवित है, इसका जीता-जागता उदाहरण निंबाहेड़ा नगर की बापू बस्ती निवासी वसीम खान ने पेश किया है।
कई वर्षों से इंडियन स्टील अलमारी के नाम से दुकान संचालित कर रहे वसीम खान के पास हाल ही में एक स्टील अलमारी मरम्मत के लिए आई। रिपेयरिंग के दौरान अलमारी के अंदर से सोने-चांदी के जेवरात मिले, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
जेवरात मिलने के बाद वसीम खान ने ईमानदारी का परिचय देते हुए बिना किसी लालच के तुरंत उस परिवार से संपर्क किया, जिसकी अलमारी मरम्मत के लिए आई थी। परिवार के पहुंचने पर उन्होंने सभी जेवरात सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिए।
वसीम खान के इस सराहनीय कार्य की नगरभर में प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे लोग समाज में विश्वास, नैतिकता और इंसानियत की मिसाल हैं। उनका यह कदम साबित करता है कि आज भी ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी है।

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