अलवर
लुपिन ह्यूमन वेलफेयर एंड रिसर्च फाउंडेशन द्वारा संचालित कृषि आधारित आजीविका सशक्तिकरण परियोजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में जर्मनी से आए पर्यावरण मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना की गतिविधियों और कि
सान प्रदर्शन स्थलों को देखा।
कार्यक्रम में जर्मनी के पर्यावरण मंत्री कार्स्टन , जर्मन दूतावास से श्रीमति टाइना और डॉ. अलेहेन्द्रो, श्रीमति तुषारा शंकर,योगेश राउत, कुंदन बर्नवाल सौरभ बाबू उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नुक्कड़ नाटक से हुई। नाटक के माध्यम से किसानों और समुदाय को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संसाधनों के बेहतर उपयोग और सतत आजीविका के प्रति जागरूक किया गया।
इसके पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने बरखेड़ा गांव में तीन किसानों के प्रदर्शन स्थलों का भ्रमण किया।
आयरन शेड, उचित फर्श एवं जल निकासी, कैटल मैट और नांद, टीकाकरण, मिनरल मिक्सचर, पशु स्वास्थ्य शिविर और बीमा,बी ए आई एफ के सहयोग से सेक्स-सॉर्टेड कृत्रिम गर्भाधान, चारा कटर, साइलेज, हरा चारा, नेपियर और अजोला आधारित चारा प्रबंधन तथा वर्मीकम्पोस्ट द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन को देखा ।
प्रतिनिधिमंडल ने इंडो-जर्मन द्विपक्षीय सहयोग के तहत कृषि, पशुपालन, जल प्रबंधन और बाजार संपर्क को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ मिट्टी, जल की दक्षता, स्वस्थ पशुधन और बेहतर बाजार संपर्क को मजबूत करके ही किसानों की आय को टिकाऊ बनाया जा सकता है।

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