नाथद्वारा
रिपोर्टेर- गोविंद त्रिपाठी
चुनावी रण में पहली बार ट्रांसजेंडर प्रत्याशी
नगर पालिका चुनाव के नामांकन की अंतिम तिथि पर नाथद्वारा में सियासी पारा चढ़ा रहा, नामांकन केंद्र पर दिनभर दावेदारों और समर्थकों की भीड़ नजर आई। नगर पालिका के 40 वार्डों के लिए अंतिम दिन 65 से अधिक दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके साथ ही अब तक 100 से अधिक उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरने के लिए पर्चे भर चुके हैं।
नामांकन के अंतिम दिन सामने आए राजनीतिक समीकरणों ने दोनों प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी टिकट से वंचित रहे कई दिग्गज नेताओं और प्रभावशाली दावेदारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर चुनावी ताल ठोक दी। ऐसे में कई वार्डों में अब मुकाबला बहुकोणीय होने के साथ ही त्रिकोणीय मुकाबले के आसार भी बनते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है, नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद ही पता चलेगा कि इनमें से कितने दिग्गज चुनाव मैदान में डटे रहते हैं और कितने पार्टी के दबाव या समझाइश के बाद अपना नाम वापस लेते हैं।
आज दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों की सूची को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज रही, पार्टी सूचियों में संभावित उलटफेर की चर्चाओं के बीच कई दावेदारों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी की स्थिति बनी हुई है। अधिकृत सूचियां सामने आने और नाम वापसी के बाद प्रत्येक वार्ड में चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
वहीं नाथद्वारा नगर पालिका चुनाव में इस बार एक और नया अध्याय जुड़ा है। आम आदमी पार्टी ने पहली बार ट्रांसजेंडर प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा है। पार्टी ने सुनीता बाई किन्नर को प्रत्याशी बनाया है। ट्रांसजेंडर प्रत्याशी के चुनाव मैदान में उतरने से यह चुनाव सामाजिक समावेशिता के लिहाज से भी चर्चा में आ गया है।
नाथद्वारा नगर पालिका चुनाव का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। एक ओर प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशी मैदान में होंगे, वहीं दूसरी ओर टिकट से नाराज दावेदारों के निर्दलीय उतरने से कई वार्डों में मुकाबला कांटे का होने के आसार हैं। अब सभी की निगाहें नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पर टिकी हैं। इसके बाद ही तय होगा कि 40 वार्डों में चुनावी रण में कौन-कौन आमने-सामने होगा ।
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